Mitti hona pasand aaya - Jai Ojha on Life, Breakup, Love & philosophy


इस बार जो Portry है वो बहुत ही Simple है. Poetry नहीं गजल है और इसमें अलग अलग तरह के शेर है और सब में एक ही तरह का Massage देने की कोशिश की गयी है कि Down to Earth रहना कितना जरूरी है.  आखिरकार हम सब मिट्टी है. जो इनमें Hidden Massage है वो यही मिलेगा कि आपको लाइफ में सिंपल रहना सरल रहना कितना जरूरी है..



Yun to hawa Pani Akash Agni Sabkuch tha main,

lekin mujhe mera faqat mitti hona pasand aaya..

यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..
मेरे नाम में जो आई था उसे कभी बड़ा नहीं होने दिया मैंने,
मुझे हमेशा मेरे नाम में आई पे वो छोटी सी बिंदी का होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

यूँ कद तो दरख्तों के भी देखे है ऊँचे बहुत मैंने,
यूँ कद तो दरख्तों के भी देखे है ऊँचे बहुत मैंने,
लेकिन उन टहनियों का हमेशा नीचे की ओर झूकी होना पसंद आया.
और भले दुनिया देखती होगी आकश को चूमती हुयी वो इमारतें,
लेकिन मुझे तो उस नीवं का उन भारी भरकम पत्थरो के बीच दबी होना पसंद आया.
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

कि कारे दौड़ाते देखा है मैंने बच्चों को घर आँगन में,
कारे दौड़ाते देखा है मैंने बच्चों को घर आँगन में,
लेकिन बचपन को तो असल में कागज से बनी वो कश्ती होना पसंद आया..
और Crush तो ज़माने को हुआ है Candy से बहुत,
लेकिन मुझे तो Nokia 1100 में वो सांप की पूँछ का लम्बी होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

दौड़ रहे थे सब लोग इस तरह कि होड़ मची थी जैसे first आने की,
दौड़ रहे थे सब लोग इस तरह कि होड़ मची थी जैसे first आने की,
भागते देखकर यूँ सबको, मुझे खुद का आखिरी होना पसंद आया..
और जहां आसान रास्ते ढूंढ रहे थे बाजार में सब दौलत, शौहरत, कामयाबी के,
वहीं मुझे अपनी उंगलियों का लिख लिख के यूँ खुरदरी होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

यूँ हजार किस्म की तमाम चोटे मिली थी जिंदगी के इस सफर में,
यूँ हजार किस्म की तमाम चोटे मिली थी जिंदगी के इस सफर में,
लेकिन इस दिल को तो बस उन्ही की बेवफाई के हाथो जख्मी होना पसंद आया..
और यूँ भले Millions थे viewers और हजारो थे Inbox में,
लेकिन मुझे मेरी ID का किसी की ब्लॉक लिस्ट में छुपी होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

जुल्म किये, सितम ढाहये हमपे क्या बताऊँ उन्होंने क्या क्या किया,
जुल्म किये, सितम ढाहये हमपे क्या बताऊँ उन्होंने क्या क्या किया,
और हमे बदले में बस वो "फ़र्क़ नहीं पड़ता" शायरी होना पसंद आया..
और तुम भले सुबह की चाय पीती हो किसी और के साथ अक्सर,
लेकिन मेरी जुबान को तो बस हमारी कैफेचिनो का यूँ बातों-2 में ठंडी होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

कोई बात नहीं कि मुड़कर तो दोबारा देखा भी नहीं था तुमने जाते हुए मुझे,
कोई बात नहीं कि मुड़कर तो दोबारा देखा भी नहीं था तुमने जाते हुए मुझे,
लेकिन वहां उस वक़्त उस मंजर को तो मेरा वहीं के वहीं होना पसंद आया..
और शायद भीतर लिए घूमता हूँ तुम्हें आज भी हर गली हर डगर पर,
मुझे इस फरेबी दुनिया में अपनी मोहब्बत का असली होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

यूँ इल्जाम लगे थे ढेरों लेकिन कभी आँच भी ना आयी मुझपर,
यूँ इल्जाम लगे थे ढेरों लेकिन कभी आँच भी ना आयी मुझपर,
कुछ इस तरह से मुझे मेरा खुदा की अदालत से बरी होना पसंद आया..
और खुदा मान बैठे थे ज़माने में जहाँ लोग खुद को,
वहीं जय को तो बस उसका फ़क़ीर सूफी होना पसंद आया..
यूँ तो हवा पानी आकाश अग्नि सबकुछ था मैं.
लेकिन मुझे तो मेरा फकत मिट्टी होना पसंद आया..

For you are Dust
And to Dust you shall Return


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