Ek Ghav Purana Baki Hai by Goonj Chand

Ek Ghav Purana Baki Hai by Goonj Chand

एक घाव पुराना बाकी हैं, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं …

आ बैठ जरा हिसाब करे, कुछ साल पुराने याद करे..
एक वक़्त ऐसा भी होता था, जब तू सिर्फ मुझ पर मरता था …
मेरी खुशी के खातिर बेमतलब सब से लड़ता था..
स्कूल से लेकर घर तक अपनी बाइक से फॉलो करता था..
क्या सच्चा था वो प्यार तेरा या सिर्फ दिखावा करता था..
क्यू दिया था धोखा तूने मुझे, इसका जबाब अभी भी बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..
एक घाव पुराना बाकी है, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..

जब जख्म किसी को देता होगा, तब याद मेरी ही आती होगी..
ओर मन ही मन खुद पर तुझ को थोड़ी शर्म तो आती होगी…
खुद पर बीती तब तुझको मेरा दर्द समझ में आया हैं..
अक्सर गैरों के खातिर तूने मुझको ठुकराया हैं..
अब किस हक से तू कहता हैं कि फिर से वापिस आ जाओ..
पर बीती बातें भूलकर तुम पहली जैसी हो जाओ…
जो किया था तूने साथ मेरे वो सबको बताना बाकी…
तू ही है गुनेहगार मेरा यह इल्ज़ाम लगाना बाकी है…
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..
एक घाव पुराना बाकी है, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..

ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी