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    Main Raavan Hi Thik Hun by Shekhar


    Han Main Ghamandi, Main Paapi, Main Takat Ka Prateek Hun..
    Aur Main Wahi Raavan, Dashanan Jiddi Hun, Aur Thoda Sa Dheeth Hun..
    Ki Sunlo Tum Sari Duniya Walo,
    Tum Ram Ban Jao, Main Raavan Hi Thik Hun..

    नई नई कमाई दौलत के किस्से चीखे नहीं जाते..
    और हम कलाकार है बुलाये जाते है, ख़रीदे नहीं जाते..
    बाल नौचेगा, खुद को कोसेगा और एक वक़्त बात मर भी जायेगा..
    तू खुद बिक जायेगा पर मुझे खरीद नहीं पायेगा..

    इन नशो से नशीली मेरी मोहब्बत है,
    मेरी मोहब्बत के नशे में होकर देखो..
    और अगर जानना है मेरा दिल हाल,
    तो कोई अपना होकर देखो..

    कद आसमान का, पेड़ ताड़ का नापता नहीं है..
    जो मेरे पास है मैंने खुद कमाया है किसी के बाप का नहीं है..

    महफ़िल बदनाम मुझे खुद बदनामो ने किया है..
    अरे इन्हे क्या पता मुझे बड़ा तुफानो ने किया है..

    ये इतने छोटे है मुझसे कि इन्हे देखने के लिए मुझे झुकना पड़ता है..
    ये इतना पीछे रह गए कि इन्हे देखने के लिए भी रुकना पड़ता है..

    बुरा हमें सिर्फ और सिर्फ हमारे हालात करते है..
    जाने अनजाने में सही वो आज भी हमारी बात करते है..
    और एक वक़्त पहले इस नाम से घिन्न थी उन्हें,
    आज वो पागल बैठ के रावण नाम का जाप करते है..

    कुछ के लिए बुरा, कुछ के लिए ताकत और कुछ के लिए क्षमता हूँ..
    हाँ मैं वही रावण हूँ जो आज भी अपनी बहन की सुनता हूँ..
    कि अपने झूठे स्वाभिमान का सम्मान लोग सतयुग से करते रहे है..
    जो खुद अपने हाथो से इज्जत उतारते है, वो आज खड़े होकर मेरे पुतले जला रहे है..
    उन्हें बता दूँ कि पुतले जलाने से क्या होगा, हर तरफ राख और धुंआ होगा..
    झांककर देख गिरेबान में अपने जरा, ये रावण तुझसे अच्छा कई गुना होगा..
    ना मैं मरा था ना मैं हारा था, मुझे बस मेरे विश्वास और भरोसे ने मारा था..
    कि हाँ किया गलत एक औरत की इज्जत के लिए दूसरी को उठा लाया था..
    तो बता दूँ कि राम ने सीता को कुरान सा साफ़ और गीता सा पाक ही वापस पाया था..
    तो क्यों फिर सतयुग से कलयुग तक सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ता है..
    कभी अपनों में कभी परायों में उसे खुद को साबित करना पड़ता है..
    हाँ मैं वही रावण हूँ जिसे आयोध्या के राजा राम ने हराया था..
    और जिसके लिए हराया था वो उसे अपने पास ना रख पाया था..
    हाँ मैं घमंडी, मैं पापी, मैं ताकत का प्रतीक हूँ..
    और मैं वही रावण दशानन जिद्दी हूँ, और थोड़ा सा ढीठ हूँ..
    कि सुनलो तुम सारी दुनिया वालो,
    तुम राम बन जाओ, मैं रावण ही ठीक हूँ..


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