Tujhe Paane Ki Zid Me Khud Ko Khoti Ja Rahi Hoon by Goonj Chand


Khud Ke Banaye Rishton Me Ulajhti Ja Rahi Hun..
Ek Tujhe Paane Ki Zid Me Khud Ko Khoti Jaa Rhi Hun..

खुद के बनाये रिश्तों में उलझती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
तेरे उन बेजान से खतो में तेरे अलफ़ाज़ आज भी ज़िंदा है मेरे पास
पर खुद में जान होते हुए भी, बेजान सी होती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
घर में बिखरी चीजे पसंद नहीं है मुझे..
इसलिए उन्हें समेटने की चाह में खुद को ही बिखेरती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
मैं तो वो चिराग थी जिसे बारिश तक का खौफ ना था..
पर अब तो हवा के हलके से झोंके से डरी जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
पहले तो हर छोटी छोटी बात पर आंसू बहा दिया करती थी..
पर अब तो अपने आंसूओ को अपनी हंसी से छुपाये जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर साथ निभाने का वादा तो हम दोनों का था ना..
पर क्यों आज ये सारे वादे मैं अकेले ही निभाए जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
खुद के बनाये रिश्तों में उलझती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..


Ladke Bhi Rote Hai Jab Ghar Se Dur Hote Hai by Satyendra Kumar


Ghar Me Bacche Lekin Bahar Mashoor Hote Hai..
Aji Ladke Bhi Rote Hai Jab Ghar Se Dur Hote Hai..

घर में बच्चे लेकिन बाहर मशहूर होते है..
अजी लड़के भी रोते है, जब घर से दूर होते है..
लड़के भी घर से बाहर मम्मी पापा के बगैर होते है..
यदि लड़की घर के लक्ष्मी तो लड़के भी कुबेर होते है..
बस यादें ही जा पाती है अपने गांव जमीनों तक,
लड़के भी कहाँ घर जा पाते है..
कई साल महीनो तक, अपनों के सपनो के खातिर ये भी मजबूर होते है..
अजी लड़के भी रोते है, जब घर से दूर होते है..
हमेशा सोचते है घर के बारे में, पर खड़े कहीं और होते है..
सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के ही दिल से कमजोर होते है..
विश्व जीतने का एक सिकंदर इनमे भी होता है..
बस रोते है पर एक समंदर इनमे भी होता है..
यदि लड़की पापा की परी तो लड़के भी कोहिनूर होते है..
अजी लड़के भी रोते है, जब घर से दूर होते है..
माना कि लड़कियों को घर छोड़ जाने का एक डर होता है..
लेकिन इनका एक घर के बाद दूसरा घर होता है..
माना कि लड़को को कोई डर नहीं होता..
ये नौकरी तो करते है कई शहरों में, मगर इनका कोई घर नहीं होता..
चंद पैसो के खातिर इनके सपने भी चूर होते है..
अजी लड़के भी रोते है, जब घर से दूर होते है..

Tere Jaane Ke Baad by Jai Ojha


Main Rota Tha To Thik Tha, Ab Khamosh Rehne Laga Hoon..
Dekh Tere Jaane Ke Baad Main Dhire Dhire Marne Laga Hoon..

एक बार में मर जाना आसान है, लेकिन तिल तिल कर मरना, धीरेधीरे मरना बेहद मुश्किल| मगर जब वो साथ छोड़ दे तो आप धीरे धीरे मरने लगते हैं और मोहब्बत धीरेधीरे मरना सीखा देती है
मैं रोता था तो ठीक था, अब खामोश रहने लगा हूं
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..
तेरे जाने के बाद मेरे वजूद को जैसे एक अजीब सन्नाटे ने है घेर लिया..
क्या बताऊं क्या हश्र हुआ जब से तूने है मुंह फेर लिया..
अब आठों ही पहर मैं बेहोश हूं बिस्तर से उठ नहीं पाता हूं..
मैं बात करूं तो किससे करूं किसी को समझ नहीं आता हूं..
मैं तन्हा था तो ठीक था, मैं तन्हा था तो ठीक था..
अब अंधेरे से बातें करने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..
तेरे जाने के बाद अजीब मसला है कि मैं सो पाता हूं जग पाता हूं..
तेरे जाने के बाद मैं सो पाता हूं जग पाता हूं..
जल चुका हूं, राख हूं फिर भी हर रोज सुलग जाता हूं..
अब स्याह रात में नींद मेरी एक झटके से खुलती है..
तेरे बिना एक रात तो जैसे एक सदी की तरह गुजरती है..
यू आदमी मैं भी काम का था, यू आदमी मैं भी काम का था.. 
अब देख कितना बेकार रहने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..
तेरे जाने के बाद में डरता हूं घुटनों को पकड़ कर सोता हूं..
खौफजदा हूं बेवफाई से हर शख्स से सहमा रहता हूं..
अब बेवजह ही मेरे कानों में फोन की घंटी बजती है..
आंखें फिर से उम्मीद लिए तेरी एक झलक को तरसती हैं..
तेरा इंतजार था तो ठीक था, तेरा इंतजार था तो ठीक था
अब तेरे आने की झूठी उम्मीदें रखने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..
तेरे जाने के बाद लगता है जैसे मेरे दिल को किसी ने जंजीरों से जकड़ लिया..
मेरी सांसे इतनी भारी क्यों है क्या हर सांस को किसी ने पकड़ लिया?
अब मैं तुझे कहां ढूंढूअपना फोन टटोलू
बाहर देखूं, तू है अब तो कहीं नहीं..
मैं क्या करूं मैं बेबस हूं, तेरी याद मेरे दिल से गई नहीं..
अब शायद इस चोट की कोई दवा नहीं, अब शायद इस चोट की कोई दवा नहीं,
बस लिखकर जख्म भरने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं
उसे मोहब्बत के सिवा कुछ आता नहीं मजनू की खाता बस इतनी है..
वो लाइलाह कहे या लैला कहे उसे बात इश्क़ की करनी है..
काश कि कोई सौदा कर ले, सब ले ले और बदले में तुझे दे.. 
काश कि कोई आंखें पढ़ ले, शब्दों को जरा परे रख दे..
तुझसे नफरत थी तो ठीक था, तुझसे नफरत थी तो ठीक था..
अब तेरी इबादत करने लगा हूं,
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं…
खैर मेरी अब कोई ख्वाहिश नहीं, इच्छाएं सारी मर गई..
अब तो जैसे वैरागी हूं, इनायत मुझ पर बरस गई..
नाम तेरा मैं जप रहा हूं, मानो हो सुमिरन भीतर चल रहा..
जैसे कोई सूफी हुआ हो, खुदा से दर पे मिल रहा
मैं तुझसे जुदा तो हो चुका हूं, मैं तुझसे जुदा तो हो चुका हूं..
और अब तेरे ही साथ रहने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरे धीरे मरने लगा हूं..
मैं रोता था तो ठीक था, अब खामोश रहने लगा हूं 
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं
देख तेरे जाने के बाद….


Tuta Hua Dil Mera Aaj Firse Jud Raha Tha by Goonj Chand


Tuta Hua Dil Mera Aaj Firse Jud Raha Tha..
Aur Todne Wale Ki Taraf Hi Dobara Jhuk Raha Tha..

टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
और तोड़ने वाले की तरफ ही दोबारा झुक रहा था..
बोल नहीं पाती थी जिसके आगे मैं कभी ऊँची आवाज में,
आज वो मेरी सारी बातें सर झुकाये सुन रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिर जुड़ रहा था
दिल मेरा फिरसे नए ख्वाब बन रहा था
और फिर अपने लिए उसी बेवफा को चुन रहा था..
यूँ तो भरोसा नहीं था मुझे उसपर पहले की तरह..
पर फिर भी ये दिमाग था जो सिर्फ दिल की सुन रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
जमीं पे बिखरा दिल मेरा अब आसमां में उड़ रहा था..
ना जाना था जिस गली, अब उसी गली में मुड़ रहा था..
मुद्दतों बाद खुशियां रही थी ज़िन्दगी में हमारी..
पर ना जाने क्यों इस बात से जमाना जल रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
अपने पहले प्यार से मुझे दोबारा प्यार हो रहा था..
और वो अपनी सारी गलतियां स्वीकार कर मेरे आगे रो रहा था..
यूँ तो वफाये आज भी उतनी ही थे उसके लिए मेरे दिल में,
पर उसकी बेवफाई का जनाज़ा भरे बाजार उठ रहा था..
शायद इसीलिए मेरा टुटा हुआ दिल आज फिरसे जुड़ रहा था


Aaj Achanak Use Meri Yaad Aayi Hai by Goonj Chand


Aaj Achanak Use Meri Yaad Aayi Hai..
Lagta Hai Fir Koi Musibat Uske Paas Aayi Hai..

आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
लगता है फिर कोई मुसीबत उसके पास आयी है..
यूँ तो याद नहीं करता वो बेवजह मुझे कभी..
कोई तो वजह है जो उसे मेरे पास लायी है..
आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
ठुकराया था मेरा प्यार उसने किसी गैर के लिए..
आज फिर किस्मत उसे उसी मोड़ पर लायी है..
आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
अब मैं क्या इलाज करूँ उसके इस दर्द का भला
मैंने तो खुद अपने लिए इसकी दवा मंगवाई है..
आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
अब क्या फायदा तेरे वापिस आने का भला..
भला जिस्म से निकलकर रूह कभी वापस आयी है..
आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
आज अचानक उसे मेरी याद आयी है..
लगता है फिर कोई मुसीबत उसके पास आयी है..


Mujhe Ab Khuda Mat Banana by Goonj Chand


Ab Tuta Hua Jab Pao Khud Ko, Tu Mere Paas Lautkar Mat Aana..
Aur Insan Hi Rehne Dena, Mujhe Ab Khuda Mat Banana..

अब टुटा हुआ जब पाओ खुद को, तो मेरे पास लौटकर मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..
यूँ तो मेरी कमजोरी हो तुम, ये तुम जानते हो..
इस बात का फायदा उठाते हो ये भी मानते हो..
अब देख भी लो भूल से तो नजरो को पास मत लाना..
रास्ता बदल लेना मुँह फेरकर अपना, पर मेरे रास्ते के आगे मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..
तुम नहीं हो मेरे काबिल तुम्हे ये भी पता है..
वक़्त के साथ साथ प्यार तुम्हारा ही घटा है..
अब १०० रीजंस लेकर मेरे सामने मत आना..
हकीकत तो बहुत दूर की बात है, तुम तो मेरे ख्वाबो में भी मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..
अच्छा ही हुआ जो ना हो सकी मैं तेरी..
क्योंकि तुझे तो कदर ही नहीं थी मेरी..
अब किसी और मासूम की जिंदगी में तबाही मत लाना..
खत्म कर देना ये प्यार का नाटक अब, फिर किसी का ख्याल दिल में ना लाना..
और इंसां ही रहने देना उसे भी, अब खुदा मत बनाना..
अब टुटा हुआ जब पाओ खुद को, तो मेरे पास लौटकर मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..

Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse by Goonj Chand


Meri Bepanah Mohabbat Ko Aaj Bhi Ikraar Hai Tujhse..
Aur Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse..

मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..
तुझे किस बात का गुरुर है जो जाता नहीं
तेरे बिना एक भी लम्हा मैंने कभी काटा नहीं..
तुझे है बेचैनी तो मेरा करार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..
तूने मेरे प्यार को कभी समझा नहीं है..
मेरे प्यार पर हावी तेरी गलतफहमियां रही है..
तेरे लिए मैं कुछ नहीं पर मेरा सारा जहाँ है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..
कोशिश की थी मैंने कि सुलझा सकूँ रिश्तों में पड़ी उन गांठो को..
पर भुला ना पायी अपने गालो पर पड़े तेरे उन चांटो को..
तू भूल गया शायद पर मेरा दिल भी कही बेजार है तुझसे
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..
बीत गए कितने साल ये सोचकर कि तू कभी वापस आएगा..
और तुझे हुई उन गलतफहमियों की माफ़ी मांग मुझे मनाएगा..
पर तुझे आज भी है गलतफहमिया पर मेरा हर विश्वास है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..
मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..


Maa Poetry by Goonj Chand


Bachpan Ki Beeti Bataon Ko Main Bhul Kabhi Na Pati Hun..
Pyar To Bahut Karti Hun Apse Maa, Bas Izhaar Nahi Kar Pati Hun..

बचपन की बीती बातों को मैं भूल कभी ना पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..
रूठ जाये खुदा भी पर आप ना रूठना कभी..
टूट जाऊँ अगर मैं कभी, पर आप ना टूटना कभी..
आपको देखकर ही तो कुछ करने की हिम्मत कर पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..
देना हौंसला जब भी कमजोर सा पाओ मुझे..
चाहती हूँ जब भी रोऊँ आप ही गले लगाओ मुझे..
आप नहीं होती साथ तो खुद को बहुत अकेला सा पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..
जाने अनजाने में सही तुम्हारा दिल तो दुखाया है मैंने..
आज इन अनकही बातों को पन्नो पर उतारा है मैंने..
जिंदगी के कुछ कठिन फैसलों में सलाह आपकी ही चाहती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..
क्यों करे किसी गैर पर ऐतबार बताओ..
क्यों बसाये एक नया घर बार बताओ..
मैं तो जिंदगी भर आपके और पापा के साथ रहना चाहती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..
बचपन की बीती बातों को मैं भूल कभी ना पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

Kaleen Bhaiya Usi Ke Baap Hain Kya by Niti Pandey


Ye Mare Pade Tum Jiske Piche, Wo Lagti Lallantop Hai Kya?
Ya Mirzapur Mein Rehti Hai Wo, Kaleen Usi Ke Baap Hai Kya?


बस अपनी कहते जाता वो, इसे कहते वार्तालाप है क्या?
Bas Apni Kehte Jaata Wo, Ise Kehte Waartalaap Hai Kya?
क्यों जान लुटाऊँ तुमपे अपनी, अजी हमसे पहले आप है क्या?
Kyun Jaan Lutaun Tumpe Apni, Aji Humse Pehle Aap Hai Kya?
मोहब्बत सुनके नाक सिकोड़े, मोहब्बत करना पाप है क्या?
Mohabbat Sunke Naak Sikode, Mohabbat Karna Paap Hai Kya?
या खट्टे थे अंगूर बाग़ में, उसकी ऐसी छाप है क्या?
Yaa Khatte The Angoor Baag Me, Uski Aisi Chaap Hai Kya?
ये मरे पड़े तुम जिसके पीछे, वो लगती लल्लनटॉप है क्या?
Ye Mare Pade Tum Jiske Piche, Wo Lagti Lallantop Hai Kya?
या मिर्जापुर में रहती है वो, कालीन भैया उसी के बाप है क्या?
Yaa Mirzapur Me Rehti Hai Wo, Kaleen Bhaiyya Usi Ke Baap Hai Kya?
वो जवाब ना देता सुन सुन के भी, उसे सूंघ गय कोई सांप है क्या?
Wo Jawab Na Deta Sun Sun Ke Bhi, Use Soongh Gya Koi Saanp Hai Kya?
या गायतोण्डे जैसे उसपे भी, किसी कुक्कू का प्रताप है क्या?
Ya Gaitode Jaise Uspe Bhi, Kisi Kukku Ka Pratap Hai Kya?


Hum Yun Hi To Na Mile Honge by Goonj Chand


Mere Bina Tujhe Bhi Apni Zindagi Se Kuch Gile Honge..
Hum Yun Hi To Na Mile Honge..

मेरे बिना तुझे भी अपनी जिंदगी से कुछ गिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..
तूफां आया है घर में मेरे,
तो कुछ हवा के झोंके तेरे घर तक भी पहुंचे होंगे..
बिखर गया है पूरा घर मेरा,
तो कुछ परदे तो तेरी खिड़की के भी उड़े होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..
इतना आसां नहीं मुझे भुला पाना,
पुरे ना सही पर कुछ लम्हें तो तुझे भी याद होंगे..
अश्क तो नहीं निकले होंगे तेरी आँखों से ये जानती हूँ मैं,
पर बातों बातों में कुछ किस्से मेरे भी निकले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..
अब सावन से भी ऐतराज होगा तुझे शायद,
हम ना सही पर चाय पकोड़े तो तेरे साथ होंगे..
और दोबारा नहीं मिल पाए तो गम कैसा,
हम ख्वाबों में तो अक्सर मिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..
यादें ही काफी है एक दूजे में जिन्दा रहने के लिए,
जरुरी तो नहीं हर प्यार करने वाले साथ रहे होंगे..
मेरी ख़ामोशी को मेरी बेवफाई मत समझना,
हो सकता है तेरी ही मजबूरी के आगे मैंने अपने होंठ सिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे
मेरे बिना तुझे भी अपनी जिंदगी से कुछ गिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..


Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?