Bhagwan Aur Khuda By Manoj Bajpai

Bhagwan Aur Khuda By Manoj Bajpai

भगवान और खुदा,
आपस में बात कर रहे थे…
मंदिर और मस्जिद के बीच,
चौराहे पर मुलाकात कर रहे थे…


कि हाथ जुड़े हुए हो या दुआ में उठे,
कोई फरक नहीं पड़ता है…
कोई मंत्र पढ़ता है,
तो कोई नमाज पढ़ता है…

इंसान को क्यों नहीं आती शरम है…
जब वो बन्दूक दिखा कर पूछता है,
कि क्या तेरा धरम है…
उस बन्दूक से निकली गोली,
ना ईद देखती है न होली…
सड़क पे बस सजती है,
बेगुनाह खून की रंगोली…

भगवान और खुदा,
आपस में बात कर रहे थे
मंदिर और मस्जिद के बीच…
चौराहे पर मुलाकात कर रहे थे…


सबको हम दोनों ने इसी मीठी से बनाया..
कोई जन्मा अम्मी की कोख से,
तो कोई माँ की गोद में रोता आया…
कौन है वोह कमब्खत,
जिसने नफरत का पाठ पढ़ाया…

किसी अकबर को कहा माँ को मार,
और अमर के हाथो अम्मी को मरवाया..
ममता का गाला घोटने वाले बेवकूफो को,
कोई समजाओ मजहब की इस जंग में,
तुमने इंसानियत को दफनाया…

भगवान और खुदा,
आपस में बात कर रहे थे…
मंदिर और मस्जिद के बीच…
चौराहे पर मुलाकात कर रहे थे…

Guzar Jayega by Amitabh Bachchan and various artists

Guzar Jayega by Amitabh Bachchan and various artists

गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
मुश्कील बहुत है मगर वक्त ही तो है….
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
जिंदा रहने का ये जो जज्बा है फिर उभर आयेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा….

माना मौत चेहरा बदलकर आयी है…
माना, मौत चेहरा बदलकर आयी है…
माना रात काली है भयावह है गहराई है…
लोग दरवाज़ों पे रास्तों पे रुके बैठे हैं…
लोग दरवाज़ों पे रास्तों पे रुके बैठे हैं…
कई घबराये हैं सहमे हैं छिपे बैठे हैं…
मगर यक़ीन रख,
मगर यक़ीन रख ये बस लम्हा है…
दो पल में बिखर जायेगा….
जिंदा रहने का ये जो जज़्बा है फिर असर लायेगा….
मुश्कील बहुत है मगर वक्त ही तो है,
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…

बिन कहे कभी न कभी हकीकत लेती है इम्तिहान…
पर खरे उतरने कि नसीहत देती भी तो है हाँ…
बिन कहे कभी न कभी हकीकत लेती है इम्तिहान…
पर खरे उतरने कि नसीहत देती भी तो है हाँ…
उधड़ा जो पड़ा साहस ये सील जायेगा…
देखते ही देखते राख से तू खिल पायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बन्देया ये सामाँ गुजर जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बेबसी का मकाँ गुजर जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बन्देया ये समां गुज़र जायेगा…

बाजार खाली सड़कें सुनी मोहल्ले विरान हैं…
बाजार खाली सड़कें सुनी मोहल्ले विरान हैं…
खौफ बरपा है हर तरफ लोग हैरान हैं…
ये वो क़हर है जो दुनिया को डराने आया…
ये वो क़हर है जो दुनिया को डराने आया…
मगर नासमज है जो इंसान को हराने आया…
इतिहास गवाह है ये मसला भी सुलझ जायेगा…
इतिहास गवाह है ये मसला भी सुलझ जायेगा…
जिंदा रहने का ये जो जज्बा है गुम हुआ है टूटा नहीं…
जिंदा रहने का ये जो जज्बा है गुम हुआ है टूटा नहीं…
यही जज्बा फिर असर लायेगा फिर उभर आयेगा…
मुश्कील बहुत है मगर वक्त ही तो है,
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…

मिलों दूर तक ना कोई रास्ता अगर दिखे..
ऐसे में यक़ीनन कंधे हैं दोनों झुके…
तेरी हैसियात कि सरेआम बोली लगेगी..
अर्हद खर्च करके ही कमायेगा तू फतेह…
है बदलता जब समय तो रहें भी है बदलती…
उधड़ा जो पड़ा साहस ये सील जायेगा…
देखते ही देखते राख से तू खिल पायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बंदेया ये समां गुज़र जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बेबसी का मकाँ गुज़र जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बन्देया ये समां गुजर जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बंदेया ये समां गुज़र जायेगा…
गुज़र जायेगा, गुज़र जायेगा…
बंदेया.. बंदेया…

पीठ करके ना बैठ तू मुश्किल वल…
साईं तेरे नाल ए मिल जावेगा हल…
हौसला नहीं हारिदा…
हौसला नी हारिदा बन्देया…
हौसला नी हारिदा बन्देया…
हो जायेगा हल…

Main Friendzone Bankar Reh Gaya by Ankit Guryan

Uski Kahi Huyi Saari Baaten Mujhe Bahut Dard De Rahi Thi,
Par Main Uske Kahe Har Ek Lafaz Ke Dard Ko Seh Gaya..
Pyar Se Jyada Meri Dosti Pyari Thi Use,
Isliye Maine bhi Dosti Ko Kabool Kiya,
Aur Main Friendzone Bankar Reh Gaya..

पहली बार मैंने उसे लाइब्रेरी में देखा था..
मैं अपने दोस्तों के साथ बैठा था,
और वो अपनी सहेलियों के साथ Gossip कर रही थी.
उसकी खुली हुई जुल्फें और काली काली आंखे,
ना जाने क्यों मुझे बार-बार Hypnotize कर रही थी…
खैर मैं जानता नहीं था उसे,
पर फिर भी आज मेरी निगाहें बस उसी पे टिकी थी..
यूँ तो बंदा मैं सख्त था,
पर उस दिन मेरी सख्ती टूट चुकी थी..
शाम को मैं घर गया और मैंने फेसबुक ओपन की..
ज्यादा मुश्किल नहीं हुई मुझे उसे ढूंढने में,
और एक दोस्त की फ्रेंड लिस्ट में मुझे वो नजर आ गयी..
मैं काफी देर तक उसकी तस्वीर को निहारता रहा..
चूँकि आजतक किसी Unknown लड़की को Request भेजी नहीं थी मैंने,
इसलिए Add Friend पर Click करने से पहले मेरा अंगूठा भी कांपता रहा..
मन में अजीब अजीब ख्याल आ रहे थे मेरे,
“पता नहीं Request Accept करेगी भी या नहीं,
अगर डिलीट कर दी, तो दोबारा Add भी नहीं कर पाउँगा..
कहीं मेरे किसी दोस्त को तो नहीं बता देगी,
वो सब के सब कमीने है साले, मेरी बड़ी मजाक लेगे.
“वगैरह वगैरह”
खैर मैंने हिम्मत दिखाई, माता रानी का नाम लिया,
और Request भेज दी..
अब मुझे बस Request Accept होने का इंतज़ार था..
क्योंकि मेरा दिल उससे बातें करने को बड़ा बेकरार था..

3 दिन बीत चुके थे,
मैंने उसकी Profile को Check किया,
मलाल था मेरे दिल में क्योंकि उसने मेरे Request Accept नहीं की थी..
लेकिन साथ में एक छोटी सी ख़ुशी भी थी,
क्योंकि डिलीट भी तो नहीं की थी..
दिन हफ़्तों में बदलने लगे, हफ्ते महीनो में बदल गए..
महीने भी कहाँ रुकने वाले थे,
और अब एक साल से जयादा हो गया था..
मुझे Request भेजे हुए एक साल से ज्यादा हो गया था..
अब मैं भी उसकी यादों से निकलकर,
खुद की ज़िन्दगी में खो गया था..
मेरे कॉलेज के इम्तिहान के साथ,
मेरा कॉलेज भी पूरा हो गया था..
और अब वो वक़्त आ गया था,
जब मुझे ज़िन्दगी के इम्तिहान देने थे..
एक बूढी माँ थी घर में, एक छोटा भाई था..
घर में बड़ा तो मैं ही था,
इसलिए भाई के सपने मुझे ही पुरे करने थे..
यूँ तो दिल्ली शहर इतना भी बुरा नहीं था..
पर पता नहीं क्यों घर से दूर रहना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था..
कुछ दिन पराये शहर में धक्के खाये, इंटरव्यू दिए,
और Finally एक Job मिल गयी..
6 दिन ऑफिस होता था और Sunday Off मिलता था..
बहुत Busy हो गयी थी मेरी लाइफ,
खुद के बारे में सोचने तक का वक़्त नहीं मिलता था..

खैर उस दिन Sunday था..
मैं घर पर आराम से लेटा हुआ था..
तभी मेरे फ़ोन पर नोटिफिकेशन Bell बजी..
मैं फ़ोन उठाया और Check किया तो मुझे यकीन नहीं हुआ,
क्योंकि नोटिफिकेशन फेसबुक से आयी थी,
और लिखा था –
“Divya has Accepted Your Friend Request”

साथ में एक Message भी था,
जिसमे Hii लिखा हुआ था..
मैंने तुरंत रिप्लाई किया,
और हमारे बीच बातें होना शुरू हो गयी..
मुझे यकीन नहीं हो रहा था,
कि एक लड़की किसी Unknown बन्दे से,
कैसे इतने अच्छे से बात कर सकती है?
लेकिन बात तो कुछ और ही थी,
क्योंकि वो तो पहले से ही मेरे बारे में,
मेरे दोस्त से सबकुछ जान चुकी थी..
जोकि सौभाग्य से या दुर्भाग्य से, जैसे भी कहो,
उसका भी दोस्त था..

अब धीरे धीरे हम एक दूसरे के बारे में बहुत कुछ जानने लगे थे..
दिन से शुरुआत होती थी और देर रात तक बातें करने लगे थे..
उसके आने के मुझे अपनी ज़िन्दगी काफी हसीन लगने लगी थी..
आवाज तो अभी तक सुनी ना थी मैंने उसकी,
लेकिन बातें वो बहुत प्यारी करने लगी थी..
अब तो मैं हमेशा के लिए बस उसी से बातें करना चाहता था..
बेक़रार था मैं और उसकी आवाज सुनना चाहता था..
इसलिए एक दिन मैंने हिम्मत दिखाई,
और उसका नंबर मांग लिया..
मुझे बहुत बुरा लगा, क्योंकि उसने साफ़ मना कर दिया..
लेकिन मैंने अपना नंबर Msg किया और लिखा –
“अगर मुझपर विश्वास है तो मुझे Whatsapp कर देना,
नहीं तो मुझे फेसबुक पर Block कर देना.”
यूँ गुस्से में Msg करके मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था..
लेकिन करता भी क्या मैं,
मुझसे अब बिल्कुल भी इंतज़ार नहीं हो रहा था..
कुछ देर बाद मुझे एक नए नंबर से Whatsapp आया,
Msg में लिखा था –
“Hey Ankit, Divya Here”

हमारी बातों का सिलसिला अब कुछ ज्यादा हो गया था..
आवाज तो अभी भी सुनी ना थी मैंने उसकी,
लेकिन नंबर मिलने से मेरे बैचैन दिल को चैन मिल गया था..

खैर यूँ ही कुछ दिन बीत गए..
और मैंने एक दिन उसको कॉल के लिए पूछा..
उसने मुझे मना कर दिया और कहा –
“I will call you As soon As Possible”
मैंने भी ज्यादा Force नहीं किया,
और उसके कॉल का इंतज़ार करने लगा..
खैर उसी दिन माता रानी की कृपा हुई,
और शाम को मेरा फ़ोन जोरो से बजा..
उसने मुझे कॉल किया था..
मैंने फ़ोन उठाया और बस उसकी बातें सुनने लगा..
वो बोले जा रही थी और मैं चुपचाप,
बस उसकी आवाज को सुने जा रहा था..
काश मेरे पास कोई शक्ति होती,
तो मैं वक़्त को वहीं रोक देता,
और ताउम्र बस उस खूबसूरत एहसास,
और उस हसीन लम्हें को जी लेता..

अब हमारे बीच बातें पहले से कुछ ज्यादा होने लगी थी..
अपनी Problems भी वो मुझसे Share करने लगी थी..
उसकी Help करने को मैं हमेशा तैयार रहता था..
अब तो हमेशा के लिए मैं बस उसी का साथ चाहता था..
उसके इश्क़ का जूनून मुझपर कुछ यूँ होने लगा था..
मैं ना चाहते हुए भी उसकी DP पर Love React करने लगा था..
यूँ तो बहुत दूर थे हम एक दूजे से,
लेकिन बातों में दूरियां कम होने लगी थी..
मैं मरता क्या ना करता,
आखिर वो भी तो मुझे अब “I Love You” बोलने लगी थी..
हमारे बीच बातों का सिलसिला कुछ इस कदर बढ़ गया था..
कि 4 साल बीत चुके थे और हमें पता भी ना चला था..
यूँ तो इन 4 सालों में हमारे बीच थोड़ी बहुत लड़ाइयां भी हुई थी..
कई दिनों तक चलने वाली रुसवाइयाँ भी हुई थी..
मेरे रूठने पर वो मुझे बहुत प्यार से मनाया करती थी..
और खुद के रूठ जाने पर वो मुझे बहुत सताया करती थी..
अब मुझसे इंतज़ार नहीं हो रहा था,
और मुझे उससे अपना इज़हार-ए-इश्क़ करना था..
बेक़रार था मैं उससे मिलने को,
क्योंकि अब सारी उम्र उसी के संग चलना था..
इसलिए मैंने एक दिन उससे मिलने के लिए पूछ लिया..
उसने मुझे मना नहीं किया और हाँ बोल दिया..
उसने मुझे मिलने के लिए एक अनजान सा पता बताया था..
उस दिन मैं बहुत खुश था,
क्योंकि उसने मुझे अपने शहर बुलाया था..

आज हम 4 साल में पहली बार मिलने वाले थे..
कुछ राज़ जो दिल में दफ़न थे,
आज सरेआम खुलने वाले थे..
मैं उसे इंतज़ार नहीं कराना चाहता था,
इसलिए मैं उसके आने से पहले ही पहुँच गया..
कुछ ही देर में उसने दस्तक दी,
और वो मेरे सामने आकर बैठ गयी..
मुझसे मिलकर वो बस मुस्कुराये जा रही थी..
मैं नजरें तक ना मिला पा रहा था उससे,
मेरी जान निकली जा रही थी..
लेकिन क्या करता मैं,
लेकिन क्या करता मैं,
थोड़ी हिम्मत तो मुझे भी दिखानी थी..
जो बात 4 साल से मेरे दिल में थी,
वो आज उसे बतानी थी..
मैंने एक गहरी सांस ली,
और फिर मैं उसकी आँखों में देखने लगा..
एक ही बार में अपने दिल की सारी बातें बोल दी मैंने,
और खामोश हो गया..
बहुत डर लग रहा था मुझे,
और मानो वक़्त तो जैसे ठहर सा गया था..
लेकिन मेरी बात पर उसने कोई Over React नहीं किया..
शायद दोस्त ही था मैं उसकी नजरों में,
इसलिए उसने मुझे Cheat नहीं किया..
वो बहुत प्यार से मुझे समझाने लगी..
हमारे दोस्ती के रिश्ते की अहमियत को मुझे बताने लगी..
उसने मुझे हमेशा एक अच्छा दोस्त माना है..
वो मुझे बस यही बात बताती रही..
उसके बारे में मुझे जो गलतफहमी थी,
वो पर्दा भी मेरी नजरों से हटाती रही..
उसकी कही हुई सारी बातें मुझे बहुत दर्द दे रही थी..
पर मैं उसके कहे हर एक लफ्ज़ के दर्द को सह गया..
प्यार से ज्यादा मेरी दोस्ती प्यारी थी उसे,
इसलिए मैंने भी दोस्ती को कबूल किया,
और मैं Friendzone बनकर रह गया..


उस दिन मैं सारी कश्मकश से आज़ाद हो गया था..
उसके I Love You के सच्चे मतलब को समझ गया था..
क्योंकि उस दिन से पहले मैं उसके Love You को कभी समझ ही नहीं पाया,
और हमेशा ही उसका अलग मतलब निकलता रहा..
वो तो मुझे अपना सबसे अच्छा दोस्त मानती थी,
और मैं पागल उसे अपनी ज़िन्दगी का हमसफ़र मानता रहा..

~Ankit D perfect Guryan

 

Wo Ja Chuka Hai Par Uski Yaadein Zinda Hai by Goonj Chand

Wo Ja Chuka Hai Par Uski Yaadein Zinda Hai by Goonj Chand

आज मैंने अपनी करीब 4 से 5 डारियो को खखोला..
और ना जाने मैं उनमे क्या ढूँढने की कोशिश कर रही थी…
पर शायद कुछ ऐसा ढूँढना चाहती थी,
जो थोड़ी देर के लिए ही सही पर थोड़ा सुकून दे मुझे..
पर हमेशा की तरह यहां भी मेरा बैड लक निकला…
मुझे कुछ नहीं मिला सिवाय कुछ अधूरी लाइनों के…..
तो मुझे लगा कि अब इन अधूरी लाइनों को पूरा करने का वक्त आ गया है..
और मैंने कोशिश की एक अधूरी लाइनों को पूरा करने की…
जो शायद मैंने किसी दिन गुस्से में लिखी थी..
या फिर शायद उस दिन लिखी थी…
जिस दिन मेरा मूड बहुत ज्यादा खराब था..
कोशिश तो की पर उन्हें कर ना सकीं…
क्योंकि मुझे उस सुकून की तलाश थी..
और मेरे अंदर एक भूचाल सा आ रहा था..
कि इतने में अचानक मेरे अंदर से एक आवाज आई..
कोई तो था जो दो पल के लिए ही सही पर मेरे पास बैठा…
और उसने मुझसे कहा कि शांत हो जाओ..
और अपनी आंखें बंद करके उन पलों को याद करो..
जिसमें तुम बहुत खुश थी..
जिन पलों को खोना नहीं चाहती थी..
जिन पलों को तुम किसी ओर के साथ बांटना नहीं चाहती थी…
वो पल जो तुम्हारी जिंदगी के सबसे खूबसूरत पल थे…
और वो पल जिसमें तुम्हारे ही कानों में,
तुम्हारी ही हसी की आवाजें गूँज रहीं थीं…
वो पल जिसमें तुम बिना किसी फिक्र के खुशी से झूम रही थी…
वो पल जिसमें तुमने सिर्फ अपने बारे में सोचा,
वो पल जिसमें तुम्हारी आंखे खुशी के आंसुओ से नम थी…
और यह सब सुनकर मानो मेरे सामने पिक्चर सी चलने लगी…
और सारे पल 1 सेकंड के लिए मेरी आंखों के सामने आने लगे…
और फिर क्या था मेरे होठों पर बेवजह मुस्कान आने लगी…
और मेरे दिल को सुकून मिलने लगा..
कुछ पल के लिए ही सही यह सुकून मुझे राहत दे रहा था..
तो क्या हुआ जो आज कुछ परेशानियां है..
क्या हुआ जो आज मैं खुश नहीं..
पर मेरे अंदर खुश रहने की वजह तो है…
तो क्या हुआ जो सफर में बोहोत लोग अकेला छोड़ गए…
पर उन यादों को मुझसे कोई छीन नहीं सकता..
जिन पर सिर्फ मेरा हक है…
वह अच्छी यादें हमेशा मेरा हौसला बढ़ाएंगे…
अब मुझे ओर किसी सहारे की जरूरत नहीं.…
और वैसे भी किसी के चले जाने से यह जिंदगी नहीं रुकती मेरे दोस्त..
तो हमें भी नहीं रुकना चाहिए…
जो आपका होगा वह आपको छोड़कर कहीं नहीं जाएगा…
और आपको जीने के लिए बहुत सी अच्छी यादें दे जाएगा….
जो जिंदगी में आपको हर कदम पर सुकून देंगी…
मुझे तो मेरा सुकून मेरे अंदर ही मिल गया…
अब मुझे पता है कि आपका सुकून भी आपके अंदर ही है…
जिस सुकून को आप बाहर ढूंढ रहे हैं ..
वो आपके ही अंदर है जिसे आप से कोई दूर नहीं कर सकता…
कुछ पल ही सही शांति से बैठ कर अपनी आंखें बंद कर,
उन पलों को याद करें जिसमें आप सबसे ज्यादा खुश थे…
वो पल जिसमें सिर्फ आपको आपकी ही हंसी सुनाई दे…
वो पल जिसमें सिर्फ आपने अपने बारे में सोचा हो…
और फिर देखना आपको कितना सुकून मिलता है…

Bharat Ek Saath Hai by Sonu Sood

Bharat Ek Saath Hai by Sonu Sood

माना की घनी रात है…
इस रात से लड़ने के लिए,
पूरा भारत एक साथ है…

तेरी कोशिश मेरी कोशिश रंग लाएगी…
मौत के इस मैदान में,
ज़िन्दगी जीत जाएगी…
फिर उसी भीड़ का हिस्सा होंगे,
बस सिर्फ कुछ ही दिनों की बात है…

माना की घनी रात है…
मगर पूरा भारत एक साथ है…

इन ऊँची ऊँची इमारतों की,
छोटी छोटी खिडकियों में सपने बड़े हैं…
फिलहाल संभल जान बचा,
सड़कों पर तेरे मेरे रखवाले खड़े हैं…
फिर खुशियों का मौसम आएगा,
पक्का अपना विश्वास है…

माना की घनी रात है…
इस रात से लड़ने के लिए,
पूरा भारत एक साथ है…
माना की घनी रात है…

कोई मौत से लड़कर ज़िन्दगी बचा रहा है…
कोई कचरा उठाकर भी ताली बजा रहा है….
कोई खुद की परवाह किये बिना,
अपना फ़र्ज़ निभा रहा है…
इंसानियत है सबसे पहले,
ना कोई धर्म ना जात है…

माना की घनी रात है…
मगर आज पूरा भारत एक साथ है…

जिसने तेरा घर संवारा,
आज वो खुद बेघर है…
चल पड़ा है सड़क नापने,
चेहरे पे शिकन मन में डर है…
आओ खोल दें अपने घर के दरवाज़े,
कहें कुछ दिन बस येही तेरा घर है…

माना की काली घनी रात है…
मगर पूरा भारत एक साथ है…

Mera Bharat Mahaan by John Abraham

Mera Bharat Mahaan by John Abraham

सड़के है अब लावरिस,
घर पे बैठा इंसान है…
जहाँ खेलते थे सब बच्चे,
खाली वह हर मैदान है…

मंदिर और मस्जिद है बंद,
खुली राशन की दुकान है…
हौंसला है फिर भी दिलों में,
क्योंकि मेरा भारत महान है…

अस्पतालों में जूझ रहे सब डॉक्टर,
इस वक़्त इंसानियत के भगवान् है…
खाकी में निकले वीर सिपाही को,
हर हिंदुस्तानी का सलाम है…

घर में रहकर हर नागरिक,
दे रहा अपना योगदान है…
हौंसला है फिर भी दिलों में,
क्योंकि मेरा भारत महान है…

पुरी दुनिया का दुशमन अब एक है,
पृथ्वी अब जंग-ऐ-मैदान है…
सरहदों पे आज भी सिपाही,
दे रहे प्राणो का बलिदान है…

माना की वक़्त है मुश्किल,
पर इरादे अब चट्टान है…
हौंसला है फिर भी दिलों में,
क्योंकि मेरा भारत महान है…

Humko To Sirf Ghar Pe Rehna Hai by Aushmann Khurrana

Humko To Sirf Ghar Pe Rehna Hai by Aushmann Khurrana

वो सामने वाली बिल्डिंग कुछ दिन पहले सील हो गयी।
और तब से आस पड़ोस के लोगो की जिंदगी थोड़ी तब्दील हो गयी।
उसी बिल्डिंग के नीचे वाली दुकान से तो घर का सामान आता था।
वो बिमारी के बारे में पहले बता देते तो क्या जाता था।

आज हम डरे हुए है।
जीवित है पर मरे हुए है।
आज लगता है काश कर दें सब कुछ ठीक इस दुनिया को करके Rewind
But Believe Me This is Nothing but the Collective Karma of Mankind
सलाम है उनको जो सड़कें साफ़ करता है।
कचरा लेकर जाता है।
घर का सामान लेकर आता है।
और फिर अपने घर जाता है।
पर हमने उनको कभी इज्जत दी ही नहीं,
हम पैसे वाले है, हमारे बाप का क्या जाता है।
और वो बेचारा डरता है,
कि कोरोना वायरस उसके परिवार को ना हो जाये। 
वो अपने छोटे बच्चों को छू नहीं पाता है।
ये आमिर गरीब का इंसानियत से परे का नाता है।
इस देश को गरीब ही चलाता था, गरीब ही चलाएगा।
हमे इस समय भी सब सुविधाएं गरीब ही दिलाएगा।

आज जब सब ठीक हो जायेगा तो इन लोगो को इज्जत देना।
कोई काम छोटा नहीं होता ये बात अपने पल्ले बाँध लेना।
आज डॉक्टर्स, नर्स, पुलिस, हमारे सिक्योरिटी गार्ड है, सबसे जयादा काम के।
हम सब बॉलीवुड हीरो है बस नाम के।
हम बस पैसे दे सकते है, हथियार दे सकते है।
लड़ना उनको है, उन्ही को सब कुछ सहना है।
हमको तो सिर्फ घर पे रहना है।
हमको तो सिर्फ घर पे रहना है।

Muskurayega India Lyrics in Hindi

Muskurayega India Lyrics in Hindi

मुझे विश्वास है हर हिंदुस्तानी…
इस संकट का ना सिर्फ,
सफलता से मुकाबला करेगा…
बल्कि इस मुश्किल घड़ी से,
विजयी होकर निकलेगा…

जय जय हे…
जय जय हे…
जय जय हे जय…
हो जय जय हे…
जय जय हे…
जय जय हे जय…

फिर से शहरों में रौनक आएगी…
फिर से गावों में लौटेगी हंसी..
फिर से साथ सारे यार होंगे…
ना होगी पाबंदी ना रोक ही कोई,
फिर से सड़कों पे सब नाचेंगे…
पटरी पे पहिये भागेंगे…
गूंजेंगे खेलों के मैदान,
बाटेंगे सब खुशियां,
गम भी हम मिलकर बाटेंगे…
फिर से होंगी सपनों की उड़ान…

जो साथ देदे सारा इंडिया…
फिर मुस्कुराएगा इंडिया…
फिर जीत जाएगा इंडिया…
जो साथ देदे सारा इंडिया…
फिर मुस्कुराएगा इंडिया…
जो साथ देदे सारा इंडिया…
फिर मुस्कुराएगा इंडिया….

जो साथ देदे सारा इंडिया…
फिर मुस्कुराएगा इंडिया…
जो साथ देदे सारा इंडिया…
फिर मुस्कुराएगा इंडिया…

Zinda Rahe To Fir Aayenge Tumhare Sehar Ko Aabaad Karne

Zinda Rahe To Fir Aayenge Tumhare Sehar Ko Aabaad Karne

A true description by a Mazdoor leaving big metro city

A very Heart touching poem…

जिंदा रहे तो फिर से आयेंगे,
तुम्हारे शहरों को आबाद करने…
वहीं मिलेंगे गगन चुंबी इमारतों के नीचे,
प्लास्टिक की तिरपाल से ढकी अपनी झुग्गियों में…

चौराहों पर अपने औजारों के साथ,
फैक्ट्रियों से निकलते काले धुंए जैसे,
होटलों और ढाबों पर खाना बनाते, बर्तनो को धोते…
हर गली हर नुक्कड़ पर फेरियों मे,
रिक्शा खींचते आटो चलाते मंजिलों तक पहुंचाते…

हर कहीं हम मिल जायेंगे,
पानी पिलाते गन्ना पेरते…
कपड़े धोते प्रेस करते,
समोसा तलते पानीपूरी बेचते…

ईंट भट्ठों पर,
तेजाब से धोते जेवरात,
पालिश करते स्टील के बर्तनों को,
मुरादाबाद ब्रास के कारखानों से लेकर,
फिरोजाबाद की चूड़ियों,
पंजाब के खेतों से लेकर लोहामंडी गोबिंद गढ़,
चायबगानों से लेकर जहाजरानी तक,
मंडियों मे माल ढोते…
हर जगह होंगे हम…

बस इस बार एक बार घर पहुंचा दो,
घर पर बूढी मां है बाप है…
सुनकर खबर वो परेशान हैं…
बाट जोह रहे हैं काका काकी,
मत रोको हमे जाने दो…
आयेंगे फिर जिंदा रहे तो,
नही तो अपनी मिट्टी मे समा जाने दो 🙏

बाट जोह रहे हैं सब मिल कर हमारी, 
काका-काकी, ताया-ताई।
मत रोको हमे अब बस जाने दो…
विश्वास जो टूटा तुम शहर वालों से वापिस लाने में समय लगेगा।
हम भी इन्सान हैं तुम्हारी तरह,
वो बात अलग है हमारे तन पर,
पसीने की गन्ध के फटे पुराने कपडे हैं,
तुम्हारे जैसे उजले नही है कपडे।
चिन्ता मत करना बाबू तुम,
विश्वास जमा तो फिर लौटूंगा।
जिंदा रहे तो फिर आएँगे लौट कर।
जिन्दा रहे तो फिर आएँगे लौट कर।

वैसे अब जीने के उम्मीद तो कम है,
अगर मर भी गए तो हमें इतना तो हक दे दो।
हमें अपने इलाके की ही मिट्टी मे समा जाने दो ।
आपने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से,
जो कुछ भी खाने दिया उसका दिल से शुक्रिया ।
बना बना कर फूड पैकेट हमारी झोली में डाले उसका शुक्रिया।
आप भी आखिर कब तक हमको खिलाओगे ।
वक्त ने अगर ला दिया आपको भी हमारे बराबर,
फिर हमको कैसे खिलाओगे ।
तो क्यों नही जाने देते हो हमें हमारे घर और गाँव ।
तुम्हे मुबारक हो यह चकाचौंध भरा शहर तुम्हारा।
हमको तो अपनी जान से प्यारा है भोला-भाला गाँव हमारा ।।

जा रही हूँ तुझे छोड़कर, अपना ख्याल रखना by Goonj Chand

जा रही हूँ तुझे छोड़कर, अपना ख्याल रखना by Goonj Chand

जा रही हूँ तुझे छोडकर अपना ख्याल रखना
Pubg में मत लगे रहना पूरा दिन, अपने खाने पीने पर भी ध्यान देना

माना कि थोड़ी जिद्दी थी…
माना कि थोड़ा गुस्सा था…
माना कि थोड़ी नर्मी थी…
और बात बात पर तुझे समझाने की आदत मेरी डल गयी थी…
अब तू ईन सब चीजों से आजाद रहना….
जा रही हूँ तुझे छोडकर अब अपना ख्याल रखना

ना कोई गुस्सा दिलाएगा ना ही कोई बार बार मानायेगा…
और ना कोई खिच खिच करेगा और ना ही कोई तेरा दिमाग खाएगा…
अब तू ईन फालतू की बातों को याद ना रखना…
और जा रही हूँ तुझे छोडकर अब अपना ख्याल रखना

नींद ना आए तुझे तो खुद ही अपने सिर को खुजला लेना…
और मॉइस्चराइजर वही अलमारी में है रोज सोने से पहले लगा लेना…
और सुनो धूप मे बॉडी टैन हो जाती है तुम्हारी…
इसलिए बाहर जाते समय सन्स क्रीम लगाना…
याद रखना जा रही हूँ तुझे छोडकर बस अपना ख्याल रखना

हो सके तो रोज नहा लिया करना…
बाहर का खाना मत खाना…
घर पर ही बना लिया करना…
और याद आ जाये कभी भूले भटके मेरी..
तो सुनो JBL पर जाने के गाने चला लिया करना …
और करो अगर किसी ओर लड़की को पसंद कभी तो,
मेरी जैसी ना हो इस बात का पूरा ध्यान रखना…
और जा रही हूँ तुम्हें छोडकर अब अपना ख्याल रखना….

कपड़े जब धोने हो तो उसी दिन भिगोना…
वरना बदबू मारने लगते हैं तीन दिन सड़ जाते है,
कपड़े जब धोने हो तो तभी भिगोया करना…
टाईम से उठना और टाईम से सोना करना…
और मिटा देना हमारे लड़ाई और झगड़े सारे,
बस हमारी अच्छी यादे ही याद साथ रखना…
जा रही हूँ तुझे छोडकर बस अपना ख्याल रखना….

ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी