Kaash Ki Main Tujhe Apne Saath Rakh Sakta by Amit Auumkaar


Kaash Ki Main Tujhe Apne Saath Rakh Sakta
Kisi Meharbaani Ki Tarah…

 काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता किसी मेहरबानी कि तरह..
मेहरबानी जो कुछ पलों के लिए ही की थी उस खुदा ने मुझपर तुझसे मिलाकर मुझे..
वो पल जो गुजर रहे है मेरे ना चाहते हुए भी,
काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता किसी परेशानी की तरह,
परेशानी जो ताउम्र रहेगी मेरे मन में तुझे ना पाने की वजह से..
काश कि मैं अपनी किस्मत की बेईमानी को बदल पाता..
काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता किसी बेईमानी की तरह..
बेईमानी जो मेरी किस्मत ने की तुझसे ना मिलाकर,
बेईमानी जो मेरी किस्मत ने की मेरे साथ तुझसे दूर करके मुझे,
तुझे जाते हुए देखने के लिए मजबूर करने के लिए मुझे,
मेरे चेहरे की चमक बन जाती है तू जब भी मिलता हूँ तुझे,
नया सा हो जाता हूँ मैं जब भी मिलता हूँ तुझे..
काश कि तुझे मैं अपने साथ रख सकता अपने चेहरे की चमक उस पेशाने की तरह,
काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता उस खुदा की मेहरबानी कि तरह..
ये पल दो पल का साथ ऐसी यादें देने वाला है जो हमेशा साथ रहेंगे मेरे..
तुम तो चली जाओगी मगर फिर भी ये यादें हमेशा पास रहेंगे मेरे..
एक रेगिस्तान सा हो गया हूँ मैं और बरस रही है तू किसी पानी की तरह..
काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता अपनी खुशकिस्मती कि निशानी की तरह..
काश कि मैं तुझे अपने साथ रख सकता किसी मेहरबानी की तरह..


Mana Ki Umar Bhar Saath Nahi Rahe Hum by Amit Auumkaar


Mana Ki Umar Bhar Saath Nahi Rahe Hum
Par Aisa Mat Kaho Ki Wo Pyaar Nahi Tha..

हैल्लो, मेरा नाम अमित ओंमकार है और जो मैं आपको आज सुनाने वाला हूँ ये सबके लिए नहीं है मगर लाखों लोगो की जिंदगी की पूरी कहानी है इसमें,
कि माना की उम्र भर साथ नहीं रहे हम,
पर ऐसा मत कहो कि वो प्यार नहीं था..
एक दूसरे का नाम हमारी सांसो में कभी शुमार नहीं था,
माना की उम्र भर साथ नहीं रहे हम,
पर ऐसा मत कहो कि वो प्यार नहीं था..
ये खूबसूरत वक़्त की एक खूबसूरती ये भी होती है,
कि वो गुजर जाता है,
पर गुजरते वक़्त के साथ इंसान अक्सर बदल जाता है
अब उस बदलते हुए वक़्त में हम दोनों को,
एक दूसरे पर कुछ खासा ऐतबार नहीं था,
माना की उम्र भर साथ नहीं रहे हम,
पर ऐसा मत कहो कि वो प्यार नहीं था..
गिनती के ही सही पर जिंदगी के सबसे खूबसूरत लम्हें बिताये है हमने एक दूजे के साथ,
सारे ना सही पर कुछ तो वादे पूरी तरह निभाए है हमने एक दूजे के साथ..
अब इन कसमों और वादों का हमारे दिलो में ज्यादा दिन खुमार नहीं था..
माना की उम्र भर साथ नहीं रहे हम,
पर ऐसा मत कहो कि वो प्यार नहीं था..
ये उन कहानियों के लिए जो ज्यादा दिन नहीं चली,
ये उन कहानियों के लिए जो अधूरी रह गयी..


Teri Meri Dosti Me Na Ladki Aayegi Na Paisa Aayega by Amit Auumkaar


Teri Meri Dosti Me Na Ladki Aayegi Na Paisa Aayega
Abe Dost Nahi Hai Apan, Bro Hai Apan, Apan Aise Ich Rahege..

मेरी ये Poem सभी Bro वाले दोस्तों और Bro वाली दोस्ती के नाम,
कि ये दुनिया, ये दस्तूर, ये वक़्त, सब बदल जाएगा..
अबे दोस्त नहीं है, Bro है अपन, अपन ऐसे इच रहेंगे..
तेरी मेरी दोस्ती में ना लड़की आएगी ना पैसा आएगा..
कि एक दिन आएगा तेरी मेरी दोस्ती का चैप्टर किताबों में पढ़ाया जायेगा..
अबे Bro है अपन तब भी ऐसे इच रहेंगे..
तेरी मेरी दोस्ती में ना लड़की आएगी ना पैसा आएगा..
अबे ये प्यार व्यार का भूत चार दिन में उतर जायेगा..
पैसा आज है तो कल खर्च हो जायेगा..
पर Timeless है तो अपनी यारी, अपन ऐसे इच रहेंगे,
तेरे मेरे बीच में ये प्यार पैसा ये कुछ नहीं आएगा..
अपनी दोस्ती का तराना ये जमाना गुनगुनाएगा..
एक दिन अपनी यारी का फ़साना बच्चे बच्चे की जाबां पर आएगा..
तब भी ऐसे इच रहेंगे अपन, अबे Bro है अपन..
कोई कितनी भी कोशिश कर ले कोई तेरी मेरी दोस्ती नहीं तोड़ पायेगा..
जब भी तुझे जरूरत होगी तो भाई हीरो की तरह एंट्री लेकर आएगा..
लेकिन Bro है अपन, ऐसे इच रहेंगे,
तेरी मेरी दोस्ती में ना लड़की आएगी ना पैसा आएगा..
कि ये दुनिया, ये दस्तूर, ये वक़्त, सब बदल जाएगा..
अबे Bro है अपन..
तेरी मेरी दोस्ती में ना लड़की आएगी ना पैसा आएगा..

Tujhe Ek Roz Dekhu To Pura Mahina Ramzaan Sa Lagta Hai by Amit Auumkar


Subah Subh Kisi Pakke Musalmaan Ki Azaan Sa Lagta Hai..
Tujhe Ek Roz Dekhu To Pura Mahina Ramzaan Sa Lagta Hai..

सुबह सुबह किसी पक्के मुसलमान की अजान सा लगता है,
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..
कभी पहचान हो जाती है पुरे शहर से मेरी,
और कभी ये आइना भी अनजान सा लगता है..
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..
एक धड़कन सी बसी है तू दिल में मेरे,
जबकि कोई हक़ नहीं है तुझपर मेरा..
तेरा ख्याल रहता है मेरे जेहन में हर घडी,
तेरे बिना ये मन बड़ा बेजान सा लगता है..
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..
सुबह सुबह किसी पक्के मुसलमान की अजान सा लगता है,
एक एहसान किया है उस खुदा ने मुझपर तुझसे मिलाकर मुझे,
वो हर घडी आजकल मुझपर मेहरबान सा लगता है..
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..
देखी है दुनिया भर की खूबसूरती मैंने सच कहता हूँ..
दुनिया भर की सच्चाई है तेरी आँखों में सच कहता हूँ..
तुझे सोचकर ही दूर हो जाता है अकेलापन मेरा,
वरना हर महफ़िल हर मंजर सुनसान सा लगता है..
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..
सुबह सुबह किसी पक्के मुसलमान की अजान सा लगता है,
तुझे एक रोज देखूं तो पूरा महीना रमज़ान सा लगता है..

Ladkiyan Bhi Sacha Pyaar Karti Hain by Amit Auumkaar


Sirf Ladke Hi Nahi Banaate Prem Kahani,
Ladkiyan Bhi Sacha Pyaar Karti Hain

All Right, So This is dedicated to the all beautiful ladies out there Who had loved ever someone.

कि कभी बेबाक होकर जता देती है इश्क़ अपना,
कभी इज़हारमोहब्बत से डरती है..
सिर्फ लड़के ही नहीं बनाते प्रेम कहानी,
लड़कियां भी सच्चा प्यार करती है..
कि दुनिया भर की शायरियों में लड़कियों को बेवफा कहने वालो,
कभी सिक्के के दूसरे पहलु पर भी तो नजर डालो,
कि वो भी तुम्हारी तरह एक दिल रखती है..
कभी भुला देती है तुमको दिल पर पत्थर रखकर,
और कभी तुम्हारे लिए ज़माने भर से जंग लड़ती है..
सिर्फ लड़के ही नहीं बनाते प्रेम कहानी,
लड़कियां भी सच्चा प्यार करती है..
ये तो मैं भी समझता हूँ कि दिल टूट जाने पर दुश्मन ये ज़माना लगता है,
पर मेरे दोस्त अगर एक लड़की की वजह से,
तुम हर लड़की को बेवफा कहते हो तो ये थोड़ा बचकाना लगता है..
कभी उम्र भर रहती है साथ तुम्हारे,
तो कभी दूर रहकर भी तुम्हारी सलामती की दुआ करती है..
सिर्फ लड़के ही नहीं बनाते प्रेम कहानी,
लड़कियां भी सच्चा प्यार करती है..


Tum Mera Aakhiri Pyaar Ho by Amit Auumkar


Pehla To Sabko Ho Jaata Hai Par Tum Mera Aakhiri Pyaar Ho

पहला तो सबको हो जाता है पर तुम मेरा आखिरी प्यार हो,
मेरी नसों में बहती हो तुम, मेरी रगो में सवार हो,
पहला तो सबको हो जाता है पर तुम मेरा आखिरी प्यार हो..
ना इंतज़ार रहता है तुम्हारा ना तुम्हारी कमी रहती है,
तुम्हारी हर बात मेरी सांसो में रमी रहती है..
मेरी नजर हो तुम मेरा इंतज़ार हो,
पहला तो सबको हो जाता है पर तुम मेरा आखिरी प्यार हो..
तुमसे पहले भी देखी है दुनिया मैंने पर तुम्हारे बाद कोई मंजिल नहीं है,
जो जिंदगी को किनारे तक पहुंचाए, ऐसा कोई साहिल नहीं है..
बड़ी किस्मत से मिलता है जो वो सुकून हो वो करार हो,
पहला तो सबको हो जाता है पर तुम मेरा आखिरी प्यार हो..


Pyar Zindagi Mein Bas Ek Baar Ho Aisa Koi Zaroori Nahi Hai by Amit Auumkaar


Pyaar Naa Bhi Mile To bhi Zindagi Adhuri Nahi Hai..
Pyar Zindagi Mein Bas Ek Baar Ho Aisa Koi Zaroori Nahi Hai..

तो ये कविता उनके लिए है जिनको प्यार जिंदगी में एक से ज्यादा बार हुआ है..
कि प्यार ना भी मिले तो भी जिंदगी अधूरी नहीं है,
प्यार ना भी मिले तो भी जिंदगी अधूरी नहीं है,
पर प्यार जिंदगी में बस एक बार हो, ऐसा कोई जरुरी नहीं है..
कि आपका जिंदगी में कोई हमसफ़र होना ही चाहिए,
ऐसी कोई मजबूरी नहीं है..
पर प्यार जिंदगी में बस एक बार हो, ऐसा कोई जरुरी नहीं है..
कि कभी किसी की आँखों पर मर मिटता है ये दिल,
तो कभी किसी की बातों में खो जाता है,
ये जिंदगी है मेरे दोस्त, यहाँ प्यार एक से ज्यादा बार भी हो जाता है..
हाँ आपको आपका किया प्यार मिल ही जाये, ऐसी कोई दस्तूरी नहीं है..
पर प्यार जिंदगी में बस एक बार हो, ऐसा कोई जरुरी नहीं है..
कि उम्र बीत जाती है उम्र भर का साथ पाने की तलाश में,
लोग मिलते है कई लोगों से, सच्चे प्यार की आस में,
पर पहली ही बार में मिल जाये हर किसी को जिंदगी भर का हमसफ़र,
किस्मत की शायद ये मंजूरी नहीं है..
बस इसीलिए कहता हूँ मैं,
पर प्यार जिंदगी में बस एक बार हो, ऐसा कोई जरुरी नहीं है..
तो जबतक आपको आपका सही हमसफ़र नहीं मिल जाता तब तक दिल खोल कर प्यार कीजिये,बस किसी का दिल मत दुखाइयेगा


Woh Aksar Manzil Badal Leti Hai by Amit Auumkar


Agar Tujhe Lagne Laga Hai ki Tu Uski Aakhiri Manzil Hai
To Ye Yaad Rakhna Ki Woh Aksar Manzil Badal Leti Hai

बहुत अच्छे से जानता हूँ मैं उसे,
वो राहों पर कभी तन्हा नहीं होती है,
कुछ दुरी के लिए किसी के भी साथ चल देती है,
पर अगर तुझे लगने लगा है कि तू उसकी आखिरी मंजिल है, तो ये याद रखना,
कि वो अक्सर मंजिल बदल लेती है..
अभी नया नया खुमार है तुझपर इश्क़ का,
तो ज्यादा ऊँचा मत उड़ना,
जमीं पर जोर से गिरेगा तू जोकि नहीं होना चाहिए..
जब तेरा दिल टुकड़ो में तोड़ देगी वो,
तो इस दुनिया की हर लड़की से नफरत करेगा तू..
जोकि नहीं होना चाहिए..
तू अभी नया है इन राहों पर तो,
तुझे चोट लगने का खतरा थोड़ा जयादा है..
उसे तो जानता हूँ मैं वो अक्सर सम्भल लेती है..
पर अगर तुझे लगने लगा है कि तू उसकी आखिरी मंजिल है, तो ये याद रखना,
कि वो अक्सर मंजिल बदल लेती है..
वो ऐसी ही है, इसमें कोई गलती नहीं है उसकी,
तू उम्मीद मत लगाना उसके जिंदगी भर हमसफ़र होने का..
ना ही उसे पूरी तरह पा लेने की ख़्वाहिश रखना,
ना ही कोई डर रखना उसे खोने का..
वो ज्यादा दिनों तक नहीं देती किसी का साथ,
अक्सर अपनी राहों पर निकल लेती है..
पर अगर तुझे लगने लगा है कि तू उसकी आखिरी मंजिल है, तो ये याद रखना,
कि वो अक्सर मंजिल बदल लेती है..


Mere Desh Me Bhi Aisa Ek Kanoon Bane by Amit Auumkaar


Kaash Ki Mere Desh Me Bhi Aisa Ek kanoon Bane..
Ki Balatkar Karne Wale Ko Maut Se bhi Badtar Saza Mile..

काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..
घसीट घसीटकर सड़कों पे, उसे पीट पीटकर मारे हम,
उसकी आखिरी साँस तक को खींच लेने का जनता को फरमान मिले..
काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..
सिर्फ एक घर का दर्द नहीं है है, पुरे देश का है ये हिस्सा..
मन करता है चीर दे उनको, इतना भरा है हममें गुस्सा..
टुकड़े टुकड़े करके उनके, जिन्दा उन्हें जलाके हम,
सौ सौ मौतें मारे उनको तब जाके सुकून मिले
काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..
अरे नहीं चाहिए मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारे, और चर्च हमें..
अरे नहीं चाहिए स्पेस क्राफ्ट और टेक्नोलॉजी पर खर्च हमें..
सबसे बड़ी जरूरत है ये, सबसे पहली है ये मांग,
यही है फैसले की घडी, जुर्म का है आपसी मलाग..
सोचके भी जिसके बारे में पापी की रूह काँप उठे,
अभी जरूरत है ऐसे कानून की, ऐसा एक कानून बने..
काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..
अरे कोई एक ऐसा दिन नहीं जाता, जब बलात्कार की न्यूज़ नहीं..
अरे क्या करोगे ऐसे समाज का, जहाँ बेटी भी महफूज़ नहीं..
इतना भी नहीं सहना हमको कि पानी अपना खून बने,
हर अपराधी थर थर कांपे, ऐसा एक कानून बने..
काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..
मैं भी बोलूं, तुम भी बोलो, जब तक वो ना बात सुने..
बार बार बोलो, तब तक बोलो, जब तक ये ना बात बने..
मत तो दौलत बेटी को, मत दो उसको बड़ी वसीयत,
ऐसा समाज दो उसको जहाँ किसी की गन्दी ना हो इतनी नीयत..
ऐसी सजा मिले अपराधी को कि धड़कने उसकी काँप उठे..
तभी रुकेंगे ये बलात्कार जब ऐसा एक कानून बने..
काश कि मेरे देश में भी ऐसा एक कानून बने,
कि बलात्कार करने वाले को मौत से भी बदतर सजा मिले..

Jo Karte Hai Ek Tarfa Pyaar By Amit Auumkar


Wo Hote Hai Lalach Aur Matlab Ke Bandhano Ke Us Paar
Wo Log Jo Karte Hai Ek Tarfa Pyaar

वो होते है लालच और मतलब के बंधनो के उस पार,

वो लोग जो करते है एक तरफा प्यार..
सवाल बहुत होते है उनके मन में भी अपने इश्क़ को लेकर,
पर उन्हें नहीं होता किसी के जवाबों का इंतज़ार..
अपनी धुन में मस्त मगन रहते है वो यार,
बात कर रहा हूँ उनकी,
जो करते है एक तरफा प्यार..
आसपास ही रहते है तुम्हारे,
जबान पर भले ही लगे हो ताले..
पर दिल में जज्बात है बेशुमार,
तुम्हे सोचकर हो जाते है खुश,
तुम्हे देखकर हो जाते है गुलज़ार,
ना जाने कितने है अपने जैसे,
जो करते है एक तरफा प्यार..
ना तुम्हें पाने का लालच रखते है,
ना तुम्हें हासिल करने की ज़िद है उनकी,
तुम ना भी मिलो तो भी खुश है वो,
अरे कमाल की फितरत है उनकी,
अपनी ही है उनकी एक दुनिया,
अपना ही है उनका एक संसार,
कमाल के होते है वो लोग,
जो करते है एक तरफा प्यार..
ना हक़ जताते है तुम पर कभी,
ना मिलने की फरमाइश करते है..
ना देते है नसीहत कभी,
ना कभी अपने प्यार की नुमाइश करते है..
मैंने बड़े देख है ऐसे दिलवाले,
मेरा नाम है अमित ओंमकार..
और मैं सलाम करता हूँ उन लोगों को,
जो करते है एक तरफा प्यार..


Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?