Chai Cigarette Bewafai Shayari by Ankit Guryan

Meri Mohabbat ko Hamesha Hi Wo Kuch Is Kadar Satati Rahi..

Main Chai Ka Shaukeen Tha Or Wo Mujhe Coffee Pilati Rahi..

उसकी मोहब्बत की बस इतनी सी कहानी है,

लोग उसके दीवाने है और वो चाय की दीवानी है..

मेरी मोहब्बत को हमेशा ही वो कुछ इस कदर सताती रही..

मैं चाय का शौक़ीन था और वो मुझे कॉफ़ी पिलाती रही..

ज्यादा कुछ की तमन्ना नहीं मुझको,

बस एक छोटी सी फरमाइश करता हूँ..

इन सर्द रातों में बस एक तेरा साथ हो,

और एक कप चाय की ख्वाहिश रखता हूँ..

तेरे चले जाने से जिंदगी मुझे कुछ यूँ अलग लगी है..

भूलकर कॉफ़ी मुझे आज फिर चाय की तलब लगी है..

भूल जायेगा तू हर गम अपने,

कभी एक लम्हा संग मेरे जीकर तो देख..

अरे क्या रखा है तेरे इन महखानो में,

कभी एक प्याली चाय संग मेरे पीकर तो देख..

कैसे छोड़ दूँ मैं चाय, सिगरेट और उसको अंकित..

क्योंकि ये तीनो मेरी बिगड़ी आदतों में जो शुमार है..

तेरी जुदाई के गम को सहना सीख गया हूँ,

और कुछ इस कदर जिंदगी जीने लगा हूँ मैं..

चाय पिया करता था तन्हाई में अक्सर,

अब साथ में सिगेरट भी पीने लगा हूँ मैं..

तेरे साथ बिताया हर एक लम्हा नफरत की आग में जला देता हूँ मैं..

इश्क़ की चिंगारी को अब जलने से पहले ही बुझा देता हूँ मैं..

तुम ख्वाब में भी आती हो और तुम याद भी बहुत आती हो,

मगर अफ़सोस तेरी यादों को अब सिगेरट के धुएं में उड़ा देता हूँ मैं..

तेरी मोहब्बत को भुलाने के लिए रोज सिगेरट फूंक रहा हूँ मैं..

जाने अनजाने में जिंदगी का एक एक दिन कम कर रहा हूँ मैं..

तुम बेवफा हो हमेशा यही सोचकर सोता हूँ,

हो सके तो इस नींद से मुझे जगाने आ जाना…

और लगे जो कभी मेरी सिगेरट तुम्हें अपनी सौतन,

तो मुझे समझने नहीं इसे बुझाने आ जाना..

हम प्यार करना जानते है, धोखा कभी किसी को दिया नहीं करते..

इश्क़ मोहब्बत की बाते करते है हमेशा, किसी की बेवफाई का जिक्र कभी किया नहीं करते..

और गलतफहमी है तुम्हें कि दाढ़ी बढाकर मजनू बन जायेंगे हम तेरे चले जाने के बाद,

हम चाय के शौक़ीन है मैडम, तुझ जैसे बेवफा के लिए शराब पिया नहीं करते..

रिश्ता हमारे प्यार का तुमने कुछ यूँ कलंकित कर दिया..

बेवफाई खुद की और ज़माने में बदनाम अंकित कर दिया..

 
 

Maa Poetry by Ankit Guryan – Mother’s Day Special

माँ तुम ही थी वो,
जिसकी ख़ुशी मेरी हंसी से थी..
जिसका दुःख मेरे दुःख से था..
और एक मैं था पागल नासमझ,
जो कभी कभी तुम्हे Hurt किया करता था..
हाँ ये सच हैहाँ ये सच है माँ,
कि मैं कभी कभी तुम्हे Hurt किया करता था..
लेकिन थोड़ी देर बाद माफ़ी भी तो मांग लिया करता था..
माँ एक तुम ही थी इस पूरी दुनिया में,
जो मुझे इतना प्यार किया करती थी..
क्योंकि मेरी गलती छोटी हो या बड़ी,
तुम हर बार माफ़ कर दिया करती थी..
माँ मुझे आज भी याद है,
माँ मुझे आज भी याद है..
जब तू रोटी बनाया करती थी.
खाना खिलाने के लिए प्यार से मुझे बुलाया करती थी..
तू मेरी कितनी फ़िक्र करती है,
ये बात भी मुझे तभी पता चलती थी..
जब खुद खाने से पहले तू मुझे खिलाया करती थी..
मुझे बहुत रोना आता था माँ,
मुझे बहुत रोना आता था माँ..
क्योंकि मुझे खिलाने के बाद,
कभी कभी तू खुद भूखी सो जाया करती थी..
माँ मुझे आज भी याद है,
जब मैं बीमार हुआ करता था..
तू ही सबसे ज्यादा परेशान रहा करती थी..
मैं लेटा रहता था चारपाई पर,
और तू मेरी सिरहाने बैठकर मेरा सिर सहलाया करती थी..
चोट लगती थी कभी जब मुझे,
मेरे जख्मो पर मरहम तू ही लगाया करती थी..
दर्द होता था मुझे हमेशा लेकिन,
आँखों में आंसू लेकर तू रोया करती थी..
माँ आज मैं सोचता हूँ,
जब मैं तुझसे इतना दूर हूँ..
तो तू कैसे रहती होगी?
वो सुख दुःख की बातें जो हम आपस में किया करते थे..
अब तू किसके साथ किया करती होगी?
दिल को समझाने के लिए हम फ़ोन पर बात भी कर लेते है,
लेकिन मैं जनता हूँ माँ,
फ़ोन कट हो जाने के बाद तू जरूर रोया करती होगी..
माँ जिंदगी में हम कितने मजबूर हो गए..
कि एक दूसरे से इतने दूर हो गए..
माँ अब नहीं रहा जाता तुमसे दूर,
मैं हमेशा की तरह तुम्हारे गले लगना चाहता हूँ..
मुझे कुछ और नहीं चाहिए माँ अब,
बस बचपन के जैसे तुम्हारी गोद में,
सिर रखकर सोना चाहता हूँ..

Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?