Main Ravan Hi Thik Hun by Shekhar Deep – Ravan Vani Part 2

Libaas Kaala, Awaaj Kali, Main Andhere Ka Prateek Hun..

Tum Sab Ram Ban Jao, Main Ravan Hi Thik Hun..

बेहाल इतने रहे है हम कि आज खुद के हाल भूल गए,

ये ऊँची उड़ान भरने वाले परिंदे लगता है गुलेल कि मार भूल गए..

और एक वक़्त तक खामोश क्या बैठा रावण,

लगता है तुम दुनिया वाले मेरी तलवार की धार भूल गए..

फिर चाहे भगवान हो या इंसान, मैं सबके लिए एक बहुत बड़ी हानि था..

मैं रावण बचपन से ही सर्वश्रेष्ठ और ज्ञानी था..

हां थोड़ा बेढंगा, शिव तांडव सा हूँ,

मैं मेरी माँ के आशीर्वाद से थोड़ा दानव सा हूँ..

और जब दर्द में भी चीख चीख़कर मैंने तांडव किया,

तब महाकाल ने खुद मेरा नाम रावण लिया..

महाकाल के दिए इस नाम को कोई कैसे मिटा सकता है..

ना रावण कभी हारा था और ना कोई हरा सकता है..

हाँ मेघनाथ के लिए मैंने सारे ग्रहो को ग्यारहवें स्थान पर बैठाया था..

मुझ रावण ने यमराज और शनि को अपना बंदी बनाया था..

और सूर्य खुद शनि महाराज को बचाने आ गए..

सामने देखो कंकर पत्थर, कैलाश को हिलाने आ गए..

मुझे बस विश्वासघात के तीरों ने भेदा था..

अरे मुझ ज्ञानी से खुद ज्ञान लेने खुद राम ने लक्ष्मण को भेजा था..

हाँ मैंने बुराई को जन्म दिया, मैंने अपनी ताकत पर घमंड किया..

मुझे एक नहीं, साल में हजार बार जला दो,

अरे छोड़ो मुझ रावण की बात, तुम मुझे थोड़ा ही सही राम बनकर दिखा दो..

घमंड मुझमें, मैं का होना जरुरी है..

और रावण होना बच्चों का खेल थोड़ी है..

जमी धूल मेरे नाम से हट जाएगी..

जब मेरे वक़्त की आँधी चल जाएगी..

और ये आज जो नफरत नफरत करते है ना, ये भी रावण रंग में रंग जायेंगे..

एक वक़्त के बाद ये भी भीड़ का हिस्सा बन जायेंगे..

लिबास काला, आवाज काली, मैं अँधेरे का प्रतीक हूँ..

तुम सब राम बन जाओ, मैं रावण ही ठीक हूँ..

हंसने वालो के नाम के साथ साथ चेहरे भी याद है..

गलती मेरी रही कहीं वरना इनकी इतनी कहाँ औकात है..

कि बता दूँ, निहत्थे हाथ से घायल शेर पर वार नहीं करते..

और ये नदी नाले ना समंदर पर हुंकार नहीं भरते..

कि हाँ हूँ घमंडी, जिस रास्ते से गुजर जाऊँ, फिर उस रास्ते झांकता नहीं हूँ..

मैं रावण हूँ मेरी जान, थूक के चाटता नहीं हूँ..

 
 

Uthi Jo Ek Nazar Uspar To Katleaam Kar Dungi by Goonj Chand


Uthi Jo Ek Nazar Uspar To Katleaam Kar Dungi..

उठी जो एक नजर उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी,
और उसको नीचा दिखाने की कोशिश की तो तुझको बदनाम कर दूंगी..
और अब दिख भी गया उसके रास्ते में तो सोच लेना,
तेरी गली में आके बवाल कर दूंगी..
मैं खामखा तुझसे सवाल कर दूंगी..
तेरी नींद तेरा चैन, सब हराम कर दूंगी..
और मेरे प्यार पर उंगली उठाने की हिम्मत मत करना,
वरना खामखा तुझको नीलाम कर दूंगी..
मांगेगा माफ़ी तो माफ़ कर दूंगी..
वरना तेरे दोस्तों को भी तेरे खिलाफ कर दूंगी..
और जिन लोगो की वजह से तू इतना उछलता है ,
वक़्त आने पर उनका भी हिसाब कर दूंगी..
दीवानी हूँ उसकी ये ऐलान कर दूंगी..
दिल ही क्या ये जान भी उसके नाम कर दूंगी..
और तुझ जैसे 36 भी जाये ना उसके रास्ते पर,
तो माँ कसम 36 के 36 का हिसाब कर दूंगी..
मैं अपने अल्फाज़ो से ही उसका इलाज कर दूंगी..
और उसकी तन्हाई को भी हसीं शाम कर दूंगी..
और कौन कहता है कि सिर्फ बन्दे ही प्रोटेक्ट करते है अपनी बंदियों को,
अरे मैं तो लड़की होके भी लड़को वाला काम कर दूंगी..
कि उठी जो एक नजर उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी..

Main Raavan Hi Thik Hun by Shekhar


Han Main Ghamandi, Main Paapi, Main Takat Ka Prateek Hun..
Aur Main Wahi Raavan, Dashanan Jiddi Hun, Aur Thoda Sa Dheeth Hun..
Ki Sunlo Tum Sari Duniya Walo,
Tum Ram Ban Jao, Main Raavan Hi Thik Hun..

नई नई कमाई दौलत के किस्से चीखे नहीं जाते..
और हम कलाकार है बुलाये जाते है, ख़रीदे नहीं जाते..
बाल नौचेगा, खुद को कोसेगा और एक वक़्त बात मर भी जायेगा..
तू खुद बिक जायेगा पर मुझे खरीद नहीं पायेगा..
इन नशो से नशीली मेरी मोहब्बत है,
मेरी मोहब्बत के नशे में होकर देखो..
और अगर जानना है मेरा दिल हाल,
तो कोई अपना होकर देखो..
कद आसमान का, पेड़ ताड़ का नापता नहीं है..
जो मेरे पास है मैंने खुद कमाया है किसी के बाप का नहीं है..
महफ़िल बदनाम मुझे खुद बदनामो ने किया है..
अरे इन्हे क्या पता मुझे बड़ा तुफानो ने किया है..
ये इतने छोटे है मुझसे कि इन्हे देखने के लिए मुझे झुकना पड़ता है..
ये इतना पीछे रह गए कि इन्हे देखने के लिए भी रुकना पड़ता है..
बुरा हमें सिर्फ और सिर्फ हमारे हालात करते है..
जाने अनजाने में सही वो आज भी हमारी बात करते है..
और एक वक़्त पहले इस नाम से घिन्न थी उन्हें,
आज वो पागल बैठ के रावण नाम का जाप करते है..
कुछ के लिए बुरा, कुछ के लिए ताकत और कुछ के लिए क्षमता हूँ..
हाँ मैं वही रावण हूँ जो आज भी अपनी बहन की सुनता हूँ..
कि अपने झूठे स्वाभिमान का सम्मान लोग सतयुग से करते रहे है..
जो खुद अपने हाथो से इज्जत उतारते है, वो आज खड़े होकर मेरे पुतले जला रहे है..
उन्हें बता दूँ कि पुतले जलाने से क्या होगा, हर तरफ राख और धुंआ होगा..
झांककर देख गिरेबान में अपने जरा, ये रावण तुझसे अच्छा कई गुना होगा..
ना मैं मरा था ना मैं हारा था, मुझे बस मेरे विश्वास और भरोसे ने मारा था..
कि हाँ किया गलत एक औरत की इज्जत के लिए दूसरी को उठा लाया था..
तो बता दूँ कि राम ने सीता को कुरान सा साफ़ और गीता सा पाक ही वापस पाया था..
तो क्यों फिर सतयुग से कलयुग तक सीता को अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ता है..
कभी अपनों में कभी परायों में उसे खुद को साबित करना पड़ता है..
हाँ मैं वही रावण हूँ जिसे आयोध्या के राजा राम ने हराया था..
और जिसके लिए हराया था वो उसे अपने पास ना रख पाया था..
हाँ मैं घमंडी, मैं पापी, मैं ताकत का प्रतीक हूँ..
और मैं वही रावण दशानन जिद्दी हूँ, और थोड़ा सा ढीठ हूँ..
कि सुनलो तुम सारी दुनिया वालो,
तुम राम बन जाओ, मैं रावण ही ठीक हूँ..


Kaleen Bhaiya Usi Ke Baap Hain Kya by Niti Pandey


Ye Mare Pade Tum Jiske Piche, Wo Lagti Lallantop Hai Kya?
Ya Mirzapur Mein Rehti Hai Wo, Kaleen Usi Ke Baap Hai Kya?


बस अपनी कहते जाता वो, इसे कहते वार्तालाप है क्या?
Bas Apni Kehte Jaata Wo, Ise Kehte Waartalaap Hai Kya?
क्यों जान लुटाऊँ तुमपे अपनी, अजी हमसे पहले आप है क्या?
Kyun Jaan Lutaun Tumpe Apni, Aji Humse Pehle Aap Hai Kya?
मोहब्बत सुनके नाक सिकोड़े, मोहब्बत करना पाप है क्या?
Mohabbat Sunke Naak Sikode, Mohabbat Karna Paap Hai Kya?
या खट्टे थे अंगूर बाग़ में, उसकी ऐसी छाप है क्या?
Yaa Khatte The Angoor Baag Me, Uski Aisi Chaap Hai Kya?
ये मरे पड़े तुम जिसके पीछे, वो लगती लल्लनटॉप है क्या?
Ye Mare Pade Tum Jiske Piche, Wo Lagti Lallantop Hai Kya?
या मिर्जापुर में रहती है वो, कालीन भैया उसी के बाप है क्या?
Yaa Mirzapur Me Rehti Hai Wo, Kaleen Bhaiyya Usi Ke Baap Hai Kya?
वो जवाब ना देता सुन सुन के भी, उसे सूंघ गय कोई सांप है क्या?
Wo Jawab Na Deta Sun Sun Ke Bhi, Use Soongh Gya Koi Saanp Hai Kya?
या गायतोण्डे जैसे उसपे भी, किसी कुक्कू का प्रताप है क्या?
Ya Gaitode Jaise Uspe Bhi, Kisi Kukku Ka Pratap Hai Kya?


Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?