Mere Kuch Sawal Hai by Zakir Khan

Mere Kuch Sawal Hai Jo Sirf Qayamat Ke Rozz Puchunga Tumse..
Kyonki Uske Pehle Tumhari Aur Meri baat Ho,
Is Layak Nahin Ho Tum..

मेरे कुछ सवाल हैं जो सिर्फ क़यामत के रोज़ पूछूंगा तुमसे,
क्योंकि उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके,
इस लायक नहीं हो तुम।

मैं जानना चाहता हूँ,
क्या रकीब के साथ भी चलते हुए शाम को,
यूं ही बेखयाली में उसके साथ भी हाथ टकरा जाता है तुम्हारा…

क्या अपनी छोटी ऊँगली से उसका भी हाथ थाम लिया करती हो?
क्या वैसे ही जैसे मेरा थामा करती थीं…

क्या बता दीं बचपन की सारी कहानियां तुमने उसको,
जैसे मुझको रात रात भर बैठ कर सुनाई थी तुमने..

क्या तुमने बताया उसको कि पांच के आगे की
हिंदी की गिनती आती नहीं तुमको…

वो सारी तस्वीरें जो तुम्हारे पापा के साथ,
तुम्हारे भाई के साथ की थी, जिनमे तुम बड़ी प्यारी लगीं,
क्या उसे भी दिखा दी तुमने…

ये कुछ सवाल हैं जो सिर्फ क़यामत के रोज़ पूछूंगा तुमसे,
क्योंकि उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके,
इस लायक नहीं हो तुम।

मैं पूंछना चाहता हूँ कि
क्या वो भी जब घर छोड़ने आता है तुमको,
तो सीढ़ियों पर आँखें मीच कर क्या मेरी ही तरह
उसके भी सामने माथा आगे कर देती हो तुम वैसे ही,
जैसे मेरे सामने किया करतीं थीं..

सर्द रातों में, बंद कमरों में क्या वो भी मेरी तरह
तुम्हारी नंगी पीठ पर अपनी उँगलियों से
हर्फ़ दर हर्फ़ खुद का नाम गोदता है,
और क्या तुम भी अक्षर ब अक्षर पहचानने की कोशिश करती हो,
जैसे मेरे साथ किया करती थीं..

मेरे कुछ सवाल हैं जो सिर्फ क़यामत के रोज़ पूछूंगा तुमसे,
क्योंकि उसके पहले तुम्हारी और मेरी बात हो सके,
इस लायक नहीं हो तुम।

Ek Ghav Purana Baki Hai by Goonj Chand

Ek Ghav Purana Baki Hai by Goonj Chand

एक घाव पुराना बाकी हैं, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं …

आ बैठ जरा हिसाब करे, कुछ साल पुराने याद करे..
एक वक़्त ऐसा भी होता था, जब तू सिर्फ मुझ पर मरता था …
मेरी खुशी के खातिर बेमतलब सब से लड़ता था..
स्कूल से लेकर घर तक अपनी बाइक से फॉलो करता था..
क्या सच्चा था वो प्यार तेरा या सिर्फ दिखावा करता था..
क्यू दिया था धोखा तूने मुझे, इसका जबाब अभी भी बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..
एक घाव पुराना बाकी है, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..

जब जख्म किसी को देता होगा, तब याद मेरी ही आती होगी..
ओर मन ही मन खुद पर तुझ को थोड़ी शर्म तो आती होगी…
खुद पर बीती तब तुझको मेरा दर्द समझ में आया हैं..
अक्सर गैरों के खातिर तूने मुझको ठुकराया हैं..
अब किस हक से तू कहता हैं कि फिर से वापिस आ जाओ..
पर बीती बातें भूलकर तुम पहली जैसी हो जाओ…
जो किया था तूने साथ मेरे वो सबको बताना बाकी…
तू ही है गुनेहगार मेरा यह इल्ज़ाम लगाना बाकी है…
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..
एक घाव पुराना बाकी है, एक दर्द पुराना बाकी हैं..
तेरे दिए गए एक एक दर्द का हिसाब चुकाना बाकी हैं..

Ab Wo Teri Wali Nahi Hai by Goonj Chand

Tere Lakh Manane Par Bhi Wo Aane Wali Nahi Hai..
Aur Sunna Bhai, Ab Wo Tere Wali Nahi Hai..

तेरे लाख मनाने पर भी वो आने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

तू तो उसे टाइम भी खैरात की तरह देता था..
पूरा दिन फ्री होते हुए भी उसका फ़ोन काट देता था..
आज तू भले ही खाली हो, पर वो खाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

वो पागल थी तेरे प्यार में और तू कहीं और बिजी था..
तेरी नजरो में लड़कियों को पटाना शायद बहुत इजी था..
तू होगा बेशक राजा उसकी कहानी में, पर वो तेरी रानी नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

वो तुझे सच्चा प्यार करती थी, तो भी तूने उसे छोड़ दिया..
पर कभी ये जानने की कोशिश की, कि उसने क्यों रिश्ता तोड़ दिया..
क्यूंकि वो समझ चुकी थी कि इस रिश्ते में तुझसे निभने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

प्यार का नाटक करते करते शायद तुझे भी प्यार हो ही गया..
और आज उसे किसी और का होते देख, तेरा दिल भी रो ही दिया..
पर अब तेरे इन आंसुओ पर ना वो पिघलने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

तेरे लाख मनाने पर भी वो आने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..

 
 

Tere Jaane Ke Baad by Jai Ojha – The Digital Shayar

Main Rota Tha To Thik Tha, Ab Khamosh Rehne Laga Hoon…
Dekh Tere Jaane Ke Baad Main Dhire Dhire Marne Laga Hoon..

एक बार में मर जाना आसान है, लेकिन तिल तिल कर मरना, धीरेधीरे मरना बेहद मुश्किल..मगर जब वो साथ छोड़ दे तो आप धीरे धीरे मरने लगते हैं और मोहब्बत धीरेधीरे मरना सीखा देती है

मैं रोता था तो ठीक था, अब खामोश रहने लगा हूं
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..

तेरे जाने के बाद मेरे वजूद को जैसे एक अजीब सन्नाटे ने है घेर लिया..
क्या बताऊं क्या हश्र हुआ जब से तूने है मुंह फेर लिया..
अब आठों ही पहर मैं बेहोश हूं बिस्तर से उठ नहीं पाता हूं..
मैं बात करूं तो किससे करूं किसी को समझ नहीं आता हूं..
मैं तन्हा था तो ठीक था, मैं तन्हा था तो ठीक था..
अब अंधेरे से बातें करने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..

तेरे जाने के बाद अजीब मसला है कि मैं सो पाता हूं जग पाता हूं..
तेरे जाने के बाद मैं सो पाता हूं जग पाता हूं..
जल चुका हूं, राख हूं फिर भी हर रोज सुलग जाता हूं..
अब स्याह रात में नींद मेरी एक झटके से खुलती है..
तेरे बिना एक रात तो जैसे एक सदी की तरह गुजरती है..
यू आदमी मैं भी काम का था, यू आदमी मैं भी काम का था.. 
अब देख कितना बेकार रहने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..

तेरे जाने के बाद मैं डरता हूं घुटनों को पकड़ कर सोता हूं..
खौफजदा हूं बेवफाई से हर शख्स से सहमा रहता हूं..
अब बेवजह ही मेरे कानों में फोन की घंटी बजती है..
आंखें फिर से उम्मीद लिए तेरी एक झलक को तरसती हैं..
तेरा इंतजार था तो ठीक था, तेरा इंतजार था तो ठीक था
अब तेरे आने की झूठी उम्मीदें रखने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं..

तेरे जाने के बाद लगता है जैसे मेरे दिल को किसी ने जंजीरों से जकड़ लिया..
मेरी सांसे इतनी भारी क्यों है क्या हर सांस को किसी ने पकड़ लिया?
अब मैं तुझे कहां ढूंढूअपना फोन टटोलू
बाहर देखूं, तू है अब तो कहीं नहीं..
मैं क्या करूं मैं बेबस हूं, तेरी याद मेरे दिल से गई नहीं..
अब शायद इस चोट की कोई दवा नहीं, अब शायद इस चोट की कोई दवा नहीं,
बस लिखकर जख्म भरने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं

उसे मोहब्बत के सिवा कुछ आता नहीं मजनू की खाता बस इतनी है..
वो लाइलाह कहे या लैला कहे उसे बात इश्क़ की करनी है..
काश कि कोई सौदा कर ले, सब ले ले और बदले में तुझे दे.. 
काश कि कोई आंखें पढ़ ले, शब्दों को जरा परे रख दे..
तुझसे नफरत थी तो ठीक था, तुझसे नफरत थी तो ठीक था..
अब तेरी इबादत करने लगा हूं,
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं…

खैर मेरी अब कोई ख्वाहिश नहीं, इच्छाएं सारी मर गई..
अब तो जैसे वैरागी हूं, इनायत मुझ पर बरस गई..
नाम तेरा मैं जप रहा हूं, मानो हो सुमिरन भीतर चल रहा..
जैसे कोई सूफी हुआ हो, खुदा से दर पे मिल रहा
मैं तुझसे जुदा तो हो चुका हूं, मैं तुझसे जुदा तो हो चुका हूं..
और अब तेरे ही साथ रहने लगा हूं..
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरे धीरे मरने लगा हूं..

मैं रोता था तो ठीक था, अब खामोश रहने लगा हूं 
देख तेरे जाने के बाद मैं धीरेधीरे मरने लगा हूं
देख तेरे जाने के बाद….

 
 

Mujhe Ab Khuda Mat Banana by Goonj Chand

Ab Tuta Hua Jab Pao Khud Ko, Tu Mere Paas Lautkar Mat Aana..
Aur Insan Hi Rehne Dena, Mujhe Ab Khuda Mat Banana..

अब टुटा हुआ जब पाओ खुद को, तो मेरे पास लौटकर मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..

यूँ तो मेरी कमजोरी हो तुम, ये तुम जानते हो..
इस बात का फायदा उठाते हो ये भी मानते हो..
अब देख भी लो भूल से तो नजरो को पास मत लाना..
रास्ता बदल लेना मुँह फेरकर अपना, पर मेरे रास्ते के आगे मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..

तुम नहीं हो मेरे काबिल तुम्हे ये भी पता है..
वक़्त के साथ साथ प्यार तुम्हारा ही घटा है..
अब 100 Reasons लेकर मेरे सामने मत आना..
हकीकत तो बहुत दूर की बात है, तुम तो मेरे ख्वाबो में भी मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..

अच्छा ही हुआ जो ना हो सकी मैं तेरी..
क्योंकि तुझे तो कदर ही नहीं थी मेरी..
अब किसी और मासूम की जिंदगी में तबाही मत लाना..
खत्म कर देना ये प्यार का नाटक अब, फिर किसी का ख्याल दिल में ना लाना..
और इंसां ही रहने देना उसे भी, अब खुदा मत बनाना..

अब टुटा हुआ जब पाओ खुद को, तो मेरे पास लौटकर मत आना..
और इंसां ही रहने देना, मुझे अब खुदा मत बनाना..

Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse by Goonj Chand

Meri Bepanah Mohabbat Ko Aaj Bhi Ikraar Hai Tujhse..
Aur Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse…

मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

तुझे किस बात का गुरुर है जो जाता नहीं
तेरे बिना एक भी लम्हा मैंने कभी काटा नहीं..
तुझे है बेचैनी तो मेरा करार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

तूने मेरे प्यार को कभी समझा नहीं है..
मेरे प्यार पर हावी तेरी गलतफहमियां रही है..
तेरे लिए मैं कुछ नहीं पर मेरा सारा जहाँ है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

कोशिश की थी मैंने कि सुलझा सकूँ रिश्तों में पड़ी उन गांठो को..
पर भुला ना पायी अपने गालो पर पड़े तेरे उन चांटो को..
तू भूल गया शायद पर मेरा दिल भी कही बेजार है तुझसे
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

बीत गए कितने साल ये सोचकर कि तू कभी वापस आएगा..
और तुझे हुई उन गलतफहमियों की माफ़ी मांग मुझे मनाएगा..
पर तुझे आज भी है गलतफहमिया पर मेरा हर विश्वास है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

 
 

Hum Yun Hi To Na Mile Honge by Goonj Chand

Mere Bina Tujhe Bhi Apni Zindagi Se Kuch Gile Honge..
Hum Yun Hi To Na Mile Honge..

मेरे बिना तुझे भी अपनी जिंदगी से कुछ गिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..

तूफां आया है घर में मेरे,
तो कुछ हवा के झोंके तेरे घर तक भी पहुंचे होंगे..
बिखर गया है पूरा घर मेरा,
तो कुछ परदे तो तेरी खिड़की के भी उड़े होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..

इतना आसां नहीं मुझे भुला पाना,
पुरे ना सही पर कुछ लम्हें तो तुझे भी याद होंगे..
अश्क तो नहीं निकले होंगे तेरी आँखों से ये जानती हूँ मैं,
पर बातों बातों में कुछ किस्से मेरे भी निकले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..

अब सावन से भी ऐतराज होगा तुझे शायद,
हम ना सही पर चाय पकोड़े तो तेरे साथ होंगे..
और दोबारा नहीं मिल पाए तो गम कैसा,
हम ख्वाबों में तो अक्सर मिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..

यादें ही काफी है एक दूजे में जिन्दा रहने के लिए,
जरुरी तो नहीं हर प्यार करने वाले साथ रहे होंगे..
मेरी ख़ामोशी को मेरी बेवफाई मत समझना,
हो सकता है तेरी ही मजबूरी के आगे मैंने अपने होंठ सिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे

मेरे बिना तुझे भी अपनी जिंदगी से कुछ गिले होंगे..
हम यूँ ही तो ना मिले होंगे..

 
 

Ab Mujhe Dar Lagta Hai by Ratnesh Srivastav

Ab Mujhe Dar Lagta Hai by Ratnesh Srivastav

अब रातों से नहीं, अब मुझे ख्वाबों से डर लगता है..
कहीं ना कहीं तेरा उन ख्वाबों में आना और मुझे एहसास कराना,
कि तू भी मुझे कितना प्यार करती है..
अब मुझे तेरे इन सब झूठे दिलासों से डर लगता है….

अब तुझे भूलने से नहीं, तुझे याद करने से डर लगता है..
तेरे साथ बिताया हर वो पल, हर वो लम्हा,
जिनमे सिर्फ तू ही तू बसती थी..
अब मुझे उन यादों को याद करने से डर लगता है….

अब अंधेरो से नहीं, अब मुझे उजालो से डर लगता है..
और अगर कहीं उस उजाले में तू नजर आ गयी,
तो तेरा सामना कैसे करूंगा, तुझसे नजरे कैसे मिलाऊँगा..
अब मुझे ये सोचकर डर लगता है….

अब मुझे तुझसे नहीं, तेरी बातों से डर लगता है..
तेरी हर वो बात जिनमे तू सिर्फ मेरा ही जिक्र किया करती थी,
और हर वक़्त मेरी ही फ़िक्र किया करती थी, क्या वो सब बातें झूठी थी..
अब मुझे उन बातों को सोचकर डर लगता है….

अब नफरत से नहीं, अब मुझे प्यार से डर लगता है..
किसी के साथ कुछ हसीन पल बिताना, कुछ प्यार कि बातें करना,
और उसे यकीन दिलाना कि तुम उसके लिए कितने स्पेशल हो,
और फिर बीच राह में बिना बात के छोड़कर चले जाना,
क्या यही प्यार होता है, अब मुझे ऐसे प्यार से डर लगता है….

अब मुझे अंजाम से नहीं, आगाज से डर लगता है..
मैं मानता हूँ कि वो मुझे छोड़कर चली गयी..
पर ये जरूरी तो नहीं कि वो वापस नहीं आएगी..
वो आएगी और वापस दोबारा छोड़कर चली जाएगी..
उसके यूँ बार बार छोड़कर चले जाने से,
अब मुझे किसी पर विश्वास करने से भी डर लगता है….

अब मुझे किसी के जाने से नहीं, किसी के आने से डर लगता है..
फिर से वही सारी पुरानी बातें, फिर से वही सारी कसमें,
फिर से वही वादे, फिर से वही सपने,
और फिर से उन सपनो के टूट जाने से अब मुझे डर लगता है….

अब अकेले से नहीं, अब मुझे तेरे साथ से डर लगता है..
अब तू वापस आ भी जाएगी और अपनी गलती मान भी लेगी..
हाँ मैं तुझे माफ़ भी कर दूंगा लेकिन,
इस बात कि क्या गारंटी है कि तू दोबारा छोड़कर नहीं जाएगी..
अब मुझे इस बात से भी डर लगता है….

अब दुनिया से नहीं, अब मुझे खुद से डर लगता है..
कहीं ये दिल दोबारा प्यार ना कर बैठे..
दोबारा किसी से इजहार ना कर बैठे..
क्योंकि अब दोबारा ये सब मैं सह नहीं पाउँगा..
अब तो मुझे किसी लड़की से बात करने से भी डर लगता है….

Ab Farq Nahi Padta Poetry by Jai Ojha Part – 2

Ek Waqt Tha Jab Tujhse Pyar Karta Tha,
Ab Tu Khud Mohabbat Ban Chali Aaye, Mujhe farq Nahin  Padta.

एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.
अब तू खुद मोहब्बत बन चली आये, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब मैं तेरी परवाह करता था,
अब तो तू मेरी खातिर फ़ना भी हो जाये, तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब ना जाने तेरी ID के कितने चक्कर लगाता था.
तेरी हर पोस्ट तेरे हर स्टेटस के मायने निकाला करता था.
लेकिन अब सुन ले, अब सुन ले तू,
जब से मुसलसल खेला है Block और Unblock का खेल मेरे साथ,
जा मुझे ता जिंदगी तेरी block list में रखले, मुझे फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.
जा मुझे ता जिंदगी तेरी Block list में रखले, मुझे फर्क नहीं पड़ता.
याद कर वो वक़्त जब तेरी DP देखकर ही,
मेरी धड़कने तेज हो जाया करती थी.
याद कर वो वक़्त जब तेरी Dp देखकर ही,
मेरी धड़कने तेज हो जाया करती थी.
लेकिन अब सुन ले, अब सुन ले तू,
अब किसी राह पर बिलकुल करीब से गुजर जाये, तो मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब तुझे तकलीफ में देखकर मेरी आँखे भर आया करती थी.
तुझे जो खंरोच भी जाये तो मेरी सांसे अटक जाया करती थी.
लेकिन अब सुन ले कि अब तो बेफिक्री का सुरूर है मुझपर कुछ ऐसा,
कि कम्बख्त तेरी सांसे भी थम जाये तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
हाँ तेरा कहना भी वाजिब है कि इसे इश्क़ नहीं कहते
पर मेरी ये कविता सुनकर जो एक बेवफा को मेरी मोहब्बत पर शक हो जाये.
तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब तेरे इश्क़ कि मिशालें दिया करता था.
प्यार मोहब्बत के मायनो में बस कसमें वादे लिखा करता था.
अरे क्या कमाल हश्र किया है तूने वफ़ादाराने उल्फत का,
कि अब ये सारे का सारा शहर बेवफा हो जाये, मुझे फर्क नहीं पड़ता.
हाँ माना तेरी खूबसूरती मशहूर है दुनिया जहाँ में,
अगर इस कविता में तेरी बेवफाई के चर्चे हो जाये तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब तेरी एक झलक पाने के लिए तरस जाया करता था.
तू जिस कोने से नजर आती थी, मैं बस वही ठहर जाया करता था.
अरे बिठा रखा था जो मुद्दतो से इन पलकों पे मैंने,
उसूलो से तो गिर गयी है, अब नजरो से गिर जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
बदसीरत हो गए हो तो फिजूल है ये खूबसूरती तुम्हारी,
फिर भले खुदा तुम्हे हसीं चेहरे बक्श जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब तुझे शामोंशहर बैठकर मनाया करता था.
गुस्ताखियाँ तेरी हुआ करती थी और दरख्वास्तें मैं किया करता था.
तेरे उस बेवजह रूठने को मनाया है जाने कितनी दफा मैंने,
कि भले ही पूरी की पूरी कायनात ख़फ़ा हो जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
अरे जो मेरी ना हो सकी वो उसकी क्या होगी,
अब भले कुछ वक़्त के लिए किसी गैर का दिल बहल जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

एक वक़्त था जब तेरी महक पाने को,
तू जहां से गुजरती थी, मैं वहां से गुजरता था.
जो हवा तुझे छूती है, वो मुझे छु जाये इस भरोसे चलता था.
लेकिन अब सुन ले कि अब तो सूफी हूँ खुशबु है खुद की सांसो में,
अब तो भले तू इस हवा में भी घुल जाये तो मुझे फर्क नहीं पड़ता.
कि जब से मिट्टी होना पसंद आया है मुझको,
फिर भले महलो में आशियाँ हो जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

खैर अब तुझसे नफरत है, मोहब्बत है, कोई गिला शिकवा नहीं है.
कुछ अनसुना है अनकहा है, बचा कोई सिलसिला नहीं है.
महज इन कविताओं में जिक्र बचा है तेरा और सुन ले,
कि इतना ताल्लुक भी मिट जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
राबदा हो बेवफाओ से तो बेहतर है, मेरे यार सब सुन लेना,
फिर रिश्ता भले काफ़िर दिलो से हो जाये तो फर्क नहीं पड़ता.
एक वक़्त था जब तुझसे बेइंतहा प्यार करता था.

 

 

Ye Kuch Batein Hai Jo Bekar Hai by Jai Ojha

Aaj Mera Dil Jakhmi Hai, Lekin Sanson Mei Magruri Hai,

Ye kuch Baatein Hai Jo Bekar Hai Lekin Tujhe Batani Jaruri Hai.

आज मेरा दिल जख्मी हैलेकिन साँसों मे मगरूरी है,
बात उस दिन की हो रही है जिस दिन वो आशिक,
जो पूरी तरह Move On हो गया है Break up से , उसी बारे में बात है..
तो आज मेरा दिल जख्मी हैलेकिन साँसों मे मगरूरी है,
आज मेरा दिल जख्मी हैलेकिन साँसों मे मगरूरी है,
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

आज तूने नहीं पूछा हाल मेरा,
आज तूने नहीं पूछा हाल मेरालेकिन तबियत मेरी अच्छी है..
मुस्कान जरा सी झूठी हैलेकिन ये बाते बिल्कुल सच्ची है..
आज तूने नहीं पूछाफिर भी मैनें खाना खाया है..
आज तूने नहीं पूछा फिर भी मैनें खाना खाया है..
आज सुबह तेरा Call नहीं थामेरी मां ने मुझे जगाया है..
आज सुबह तेरा Call नहीं था , मेरी मां ने मुझे जगाया है..
शुक्रिया तेरा कि आज राजा बेटा हुआ हूं फिर से,
इन Babu, Janu , Sona से दूरी है..
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

आज बड़े दिनो बाद Whatsapp पे DP खुद की लगाई है..
क्या बताऊँ तेरी सारी Photos Delete करकेक्या गज़ब की नींद आई है..
आज तेरे होने या  होने का कोई असर नहीं होता है,
आज जा तू चौबीस घन्टें ऑनलाइन रह लेमुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है..
अरे बहुत गुजारिश कर ली तुझसे,
अरे बहुत गुजारिश कर ली तुझसेअब सख्ती अपनी भी पूरी है..
ये कुछ बाते हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

कि आज तुझसे नहीं मिला मैंमगर मुलाकात खुद से हो गई है..
कि आज तुझसे नहीं मिला मैं मगर मुलाकात खुद से हो गई है..
तेरे बिना जी नहीं सकताये गलतफहमी दूर हो गई हैं..
तेरे बिना जी नहीं सकताये गलतफहमी दूर हो गई हैं..
आज उन पुराने Conversations को मैंने फिर से नहीं टटोला है..
आज उन पुराने Conversations को , मैंने फिर से नहीं टटोला है..
अब तू ही पढ़ उनकोकि फक्र होगा तुझे कि तूने कितनी खूबसूरती से झूठ बोला है..
अरे आज तन्हा हूं तो क्या हुआइस तन्हाई से यारी है..
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

हां Phone से ले के ज़हन तक हर जगह से तुझे निकाला है..
हां Phone से लेके ज़हन तक हर जगह से तुझे निकाला है..
रिहा सा हो गया हूं जब से तेरा Number Delete कर डाला है,
मैं डरता था जिस कल सेउसे आंखों में आंखे डाल देख आया हूं..
मैं डरता था जिस कल सेउसे आंखों में आंखे डाल देख आया हूं..
तेरे लिए उन खतों को उन फूलो को खुशबू समेत फेंक आया हूं..
आज तो जैसे जीत गया हूं,
वरना बता कि सच्चे आशिक नेकभी बाजी हारी है..
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

आज तेरे घर के आगे से नहीं निकलालेकिन बहुत दूर तक जा पहुंचा हूं..
फिरता था कभी गलीगलीअब आसमान में उड़ता हूं..
फिरता था कभी गलीगली अब आसमान में उड़ता हूं..
मायूसी थी छायी जहां पर आज वहां मुस्कान फिर से वहां पर लौट कर आयी है.
मायूसी थी छायी जहां पर आज वहां मुस्कान फिर से वहां पर लौट कर आयी है.
देख पलके भी कितनी खुश हैंमुद्दतों बाद गालों से जो टकराई हैं,
देख आज मैं अकेला हूं और पूरा हूंतू किसी के साथ होकर भी अधूरी हैं..
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है..

आज उठा हूं बिस्तर से औरआईने में शक् खुद की देख डाली है..
बाल बिखरें हैं दाढ़ी बड़ी है और आंखे जरा सी काली हैं,
आज उठा हूं बिस्तर से औरआईने में शक् खुद की देख डाली है..
बाल बिखरें हैं दाढ़ी बड़ी है और आंखे जरा सी काली हैं..
आज तो जैसे आंखों का पानीखत् सा हो गया है..
टूट कर जो जुड़ा है दिलनया जन् सा हो गया है..
आज तो जैसे आंखों का पानीखत् सा हो गया है..
टूट कर जो जुड़ा है दिल नया जन् सा हो गया है..
आज सूफियत हैं रुख पे आंखों में अजब सी नूरी हैं..
ये कुछ बातें हैं जो बेकार हैलेकिन तुझे बतानी जरूरी है।

 

ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी