Har Ladka Bura Nahi Hota by Goonj Chand

Kuch Mardon Ki Wajah Se Sabko Galat Thehrana Bhi Shi Nahi Hota,
Or Kisi Ke Keh Dene Bhar Se Har Ladka Bura Nahi Hota..

कुछ मर्दों की वजह से सबको गलत ठहरना भी सही नहीं होता,
और किसी के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..
कोई उड़ाए अगर मजाक किसी का तो वो अक्सर टोक देता है..
तुम्हारे घर में भी तो माँ बहने है, ये कहकर रोक देता है..
छोड़ देता है वो रास्ता अक्सर लड़की के लिए,
जी हाँ हर कोई रास्ता रोकने वाला नहीं होता..
और किसी के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..
जिंदगी को कैसे जीना है ये भी उसे बखूभी आता है..
और दोस्तों के साथ पार्टी करने तो वो भी जाता है..
पर आदत है उसे माँ बाप के साथ खाना खाने की,
इसलिए वो कभी घर आने में लेट नहीं होता..
और जी हाँ किसी के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..
अपनी जिम्मेदारियों से वो कभी भागता नहीं है..
और मुसीबत के समय हिम्मत हारता नहीं है..
दफ़न कर देता है वो अपने अरमानो को सबकी ख़ुशी के लिए,
हर लड़का बाप की दौलत पर ऐश करने वाला नहीं होता..
और किसी के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..
इश्क़ की दुनिया में भी वो बड़ा ईमानदार होता है..
और अपने इश्क़ की हिफाज़त के लिए वो सबसे जानदार होता है..
और अक्सर ढक देता है वो दुपट्टे से अपनी मोहब्बत को,
क्यूंकि हर लड़का इश्क़ में दुपट्टा हटाने वाला नहीं होता..
और कुछ लोगो के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..

कुछ मर्दों की वजह से सबको गलत ठहरना भी सही नहीं होता,
और किसी के कह देने भर से हर लड़का बुरा नहीं होता..


Uthi Jo Ek Nazar Uspar To Katleaam Kar Dungi by Goonj Chand


Uthi Jo Ek Nazar Uspar To Katleaam Kar Dungi..

उठी जो एक नजर उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी,
और उसको नीचा दिखाने की कोशिश की तो तुझको बदनाम कर दूंगी..
और अब दिख भी गया उसके रास्ते में तो सोच लेना,
तेरी गली में आके बवाल कर दूंगी..
मैं खामखा तुझसे सवाल कर दूंगी..
तेरी नींद तेरा चैन, सब हराम कर दूंगी..
और मेरे प्यार पर उंगली उठाने की हिम्मत मत करना,
वरना खामखा तुझको नीलाम कर दूंगी..
मांगेगा माफ़ी तो माफ़ कर दूंगी..
वरना तेरे दोस्तों को भी तेरे खिलाफ कर दूंगी..
और जिन लोगो की वजह से तू इतना उछलता है ,
वक़्त आने पर उनका भी हिसाब कर दूंगी..
दीवानी हूँ उसकी ये ऐलान कर दूंगी..
दिल ही क्या ये जान भी उसके नाम कर दूंगी..
और तुझ जैसे 36 भी जाये ना उसके रास्ते पर,
तो माँ कसम 36 के 36 का हिसाब कर दूंगी..
मैं अपने अल्फाज़ो से ही उसका इलाज कर दूंगी..
और उसकी तन्हाई को भी हसीं शाम कर दूंगी..
और कौन कहता है कि सिर्फ बन्दे ही प्रोटेक्ट करते है अपनी बंदियों को,
अरे मैं तो लड़की होके भी लड़को वाला काम कर दूंगी..
कि उठी जो एक नजर उसपर तो कत्लेआम कर दूंगी..

Wo Ladko De Dil Se Game Khelti Rahi by Goonj Chand


Kitni Sacchai Se Wo Humse Jhooth Bolti Rahi..
Or Mere Sath Sath Kisi Or Ke Dil Se Bhi Wo Game Khelti Rahi..

कितनी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..
और मेरे साथ साथ किसी और के दिल से भी वो गेम खेलती रही..
जब मेरे साथ होती तो उसे दोस्त बताया करती थी,
और हो उसके साथ तो ये टैग वो मुझे चिपकाया करती थी..
ये दोस्ती और प्यार के चक्कर में वो एक अच्छा स्टेटस खोजती रही..
और बड़ी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..
शॉपिंग करनी हो तो मेरे साथ जाती थी..
और लॉन्ग ड्राइव पे जाना हो तो उसे कॉल लगाती थी..
साला हम दोनों की जिंदगी तो मॉल से लेकर सड़कों में उलझती रही,
और कितनी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..
रूठ जाऊं कभी तो पास आकर वो मनाती भी थी..
और उससे मिलने के चक्कर में मुझसे दूर जाती भी थी..
चंद पैसो के लालच में वो हम दोनों की जिंदगी से खेलती रही,
और भाई बड़ी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..
झूठ ही तो था आखिर नहीं छुप पाया..
और डर गयी थी वो उस दिन जब उसने हम दोनों को साथ खड़ा पाया..
तब भी वो रो रोकर कि मैं तुम दोनों से प्यार करती हूँ, भाई यही कहती रही,
और बड़ी सच्चाई से वो उस दिन भी झूठ बोलती रही..
सुना है आजकल कुछ नए लड़के आये है उसकी लाइफ में..
वैसे देखा तो मैंने भी था उसे किसी की बाइक में..
मतलब हमारे बाद भी वो बड़ी शिद्दत से लड़को को खोजती रही,
और भाई सच में, बड़ी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..

कितनी सच्चाई से वो हमसे झूठ बोलती रही..
और मेरे साथ साथ किसी और के दिल से भी वो गेम खेलती रही..


Das Baje Baad wo Daru Ke Adde Pe Hota Hai by Goonj Chand


Meri Neende Udakar Wo Chain Ki Neend Sota Hai..
Or Roj Das Baje Baad Wo Daru Ke Adde Par Hota Hai..

मेरी नींदे उड़ाकर वो चैन की नींद सोता है..
और रोज दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
मैं ये नहीं कहती कि पीना ही छोड़ दे..
पर यार ये रोज रोज पीना भी कहाँ अच्छा होता है..
डेली दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
कहता है बहुत गम है मेरी जिंदगी में इसलिए पीता हूँ..
अरे भाई तुझे क्या लगता है कि औरतो की जिंदगी में कोई गम नहीं होता है..
और डेली दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
कहता है मैं पीता नहीं वैसे, पर दोस्त पिला देते है..
अरे ये दारू के चक्कर में दोस्तों को बदनाम करना भी अच्छा नहीं होता है..
और डेली दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
झूठ तो वैसे बड़ी शिद्दत से बोल लेता है वो,
पर नशे में डगमगाई जबान को ये कहाँ पता होता है..
और डेली दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
यकीन नहीं होता तो घर जाकर देख लेना उसके,
उसका कमरा भी रोज उसके इंतज़ार में अकेला ही सोता है..
और डेली दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..
मेरी नींदे उड़ाकर वो चैन की नींद सोता है..
और रोज दस बजे बाद वो दारू के अड्डे पर होता है..


Jiske Liye Mujhe छोड़ा Hai Tum Uske To Ho Jaate by Goonj Chand


Tu Khus Hai Apni Zindagi Me, Yahi Kehkar Hum Khud Ko Behlate..
Or Jiske Liye Tumne Mujhe छोड़ा Hai, Tum Uske To Ho Jaate..

तू खुश है अपनी जिंदगी में, यही कहकर हम खुद को बहलाते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..
माना की इत्तेफाक से मिल गए थे तुम उस दिन रस्ते पर
पर जब लिफ्ट दे ही दी थी तो जनाब मंजिल तक तो छोड़ आते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..
सौ बार भी शुक्रिया करूँ तेरा तो काम होगा..
जो तुम बेवफाई ना करते तो हम शायर कैसे कहलाते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..
तुझे भूलना आसान हो जाता मेरे लिए
जब हाथ उठा ही दिया था तो उसे मेरे गालो तक तो ले आते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..
सब पूछते है मुझसे कि मैं नफरत, बेवफाई या दिल टूटने पर ही क्यों लिखती हूँ..
प्यार पर भी लिखती मैं, अगर तुम ये प्यार निभा जाते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..
तू खुश है अपनी जिंदगी में, यही कहकर हम खुद को बहलाते..
और जिसके लिए तुमने मुझे छोड़ा, तुम उसके तो हो जाते..


Ab Wo Teri Wali Nahi Hai by Goonj Chand


Tere Lakh Manane Par Bhi Wo Aane Wali Nahi Hai..
Aur Sunna Bhai, Ab Wo Tere Wali Nahi Hai..

तेरे लाख मनाने पर भी वो आने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..
तू तो उसे टाइम भी खैरात की तरह देता था..
पूरा दिन फ्री होते हुए भी उसका फ़ोन काट देता था..
आज तू भले ही खाली हो, पर वो खाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..
वो पागल थी तेरे प्यार में और तू कहीं और बिजी था..
तेरी नजरो में लड़कियों को पटाना शायद बहुत इजी था..
तू होगा बेशक राजा उसकी कहानी में, पर वो तेरी रानी नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..
वो तुझे सच्चा प्यार करती थी, तो भी तूने उसे छोड़ दिया..
पर कभी ये जानने की कोशिश की, कि उसने क्यों रिश्ता तोड़ दिया..
क्यूंकि वो समझ चुकी थी कि इस रिश्ते में तुझसे निभने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..
प्यार का नाटक करते करते शायद तुझे भी प्यार हो ही गया..
और आज उसे किसी और का होते देख, तेरा दिल भी रो ही दिया..
पर अब तेरे इन आंसुओ पर ना वो पिघलने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..
तेरे लाख मनाने पर भी वो आने वाली नहीं है..
और सुनना भाई, अब वो तेरे वाली नहीं है..


Tere Bina Hi Is Ishq Ko Mukammal Karungi by Goonj Chand


Ab Main Akele Hi Tujhse Mohabbat Karungi..
Aur Tere Bina Hi Is Ishq Ko Mukammal Karungi..

अब मैं अकेले ही तुझसे मोहब्बत करुँगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..
ना कोई गिला है तुझसे ना बैर है कोई..
जो कोई पूछे मेरे बारे तो कहना गैर है कोई..
मैं तो फिर भी तेरे ही बारे में बाते करुँगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..
जाने के बाद ना तूने मुड़के देखा ना मैं तेरे पास आयी..
पर तूने कर ली है शादी ऐसी मेरे कानो में आवाज आयी..
अब इस कहानी की रुक्मणि ना सही तो फिर राधा ही बनुँगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..
अब ना तेरे वापस आने की ख़ुशी है और जाने का डर तो निकल ही गया..
पकड़ के रखा था जो इतने सालो से, आखिर वो रिश्ता भी हाथो से फिसल ही गया..
एकतरफा थी मोहब्बत तो अब एकतरफा ही रखूंगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..
ना लगाउंगी तुझ पर बेवफाई का इलज़ाम अब..
पर तुझसे प्यार करना बस यही है मेरा काम अब..
मैं तो बस मोहब्बत मोहब्बत मोहब्बत करुँगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..
अब मैं अकेले ही तुझसे मोहब्बत करुँगी..
और तेरे बिना ही इस इश्क़ को मुकम्मल करुँगी..


Papa Ki Chai by Goonj Chand


Bahut KhushNasib Hote Hai wo Log,
Jinhe Subah Chai Ke Gilash Ke Sath Unki Maa Uthaya Karti Hai..
Par Unse Bhi Jayada KhushNasib Hun Main,
Kyonki Meri Subah To Mere Papa Ki Chai Banaya Karti Hai..

बहुत खुशनसीब होते है वो लोग, जिन्हे सुबह चाय के गिलास के साथ उनकी माँ उठाया करती है..
पर उनसे भी ज्यादा खुशनसीब हूँ मैं, क्योंकि मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..
उठ जा बेटा सुबह हो गयीजब ये कहकर आप मुझे उठाया करते हो..
बहुत ही खुश हो जाती हूँ मैं, जब आप इस कदर अपना प्यार जताया करते हो..
और आपकी ये पागल बेटीथोड़ी देर और सोने दो ना पापा
ऐसा कहकर अपने मुँह पर चादर डाला करती है..
इसी तरह वो भी अपना प्यार जताया करती है..
मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..
माँ के पूछने पर खाना क्या बनाऊं, आप तुरंत मुझसे पूछा करते हो..
और अपनी कोई पसंद नहीं, सिर्फ मेरी ही फ़िक्र करते हो..
तब आपकी ये पागल बेटी एक एक करके अपनी फरमाइशें गिनाया करती है..
और इसी तरह नखरे दिखा वो भी अपनी बात मनाया करती है..
मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..
जब गुस्सा करे मम्मी मुझपर तो आप तुरंत मनाया करते हो..
और तेरी मम्मी तो पागल हैआंख मारकर ये जुमला भी दोहराया करते हो..
तब आपकी ये पागल बेटी खुश होकर मम्मी को चिढ़ाया करती है..
और इसी तरह नखरे दिखा वो भी अपना प्यार जताया करती है..
मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..
दूर हूँ अब आपसे तो खुद ही बना लेती हूँ चाय..
और हूँ कहीं बाहर तो पी लेती हूँ नागोरी की चाय..
पर ये सब चाय तो सिर्फ नींद भगाया करती है
मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..
बहुत खुशनसीब होते है वो लोग, जिन्हे सुबह चाय के गिलास के साथ उनकी माँ उठाया करती है..
पर उनसे भी ज्यादा खुशनसीब हूँ मैं, क्योंकि मेरी सुबह तो मेरे पापा की चाय बनाया करती है..

Tujhe Paane Ki Zid Me Khud Ko Khoti Ja Rahi Hoon by Goonj Chand


Khud Ke Banaye Rishton Me Ulajhti Ja Rahi Hun..
Ek Tujhe Paane Ki Zid Me Khud Ko Khoti Jaa Rhi Hun..

खुद के बनाये रिश्तों में उलझती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
तेरे उन बेजान से खतो में तेरे अलफ़ाज़ आज भी ज़िंदा है मेरे पास
पर खुद में जान होते हुए भी, बेजान सी होती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
घर में बिखरी चीजे पसंद नहीं है मुझे..
इसलिए उन्हें समेटने की चाह में खुद को ही बिखेरती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
मैं तो वो चिराग थी जिसे बारिश तक का खौफ ना था..
पर अब तो हवा के हलके से झोंके से डरी जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
पहले तो हर छोटी छोटी बात पर आंसू बहा दिया करती थी..
पर अब तो अपने आंसूओ को अपनी हंसी से छुपाये जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
ज़िन्दगी के हर मोड़ पर साथ निभाने का वादा तो हम दोनों का था ना..
पर क्यों आज ये सारे वादे मैं अकेले ही निभाए जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..
खुद के बनाये रिश्तों में उलझती जा रही हूँ..
एक तुझे पाने की ज़िद में खुद को खोती जा रही हूँ..


Tuta Hua Dil Mera Aaj Firse Jud Raha Tha by Goonj Chand


Tuta Hua Dil Mera Aaj Firse Jud Raha Tha..
Aur Todne Wale Ki Taraf Hi Dobara Jhuk Raha Tha..

टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
और तोड़ने वाले की तरफ ही दोबारा झुक रहा था..
बोल नहीं पाती थी जिसके आगे मैं कभी ऊँची आवाज में,
आज वो मेरी सारी बातें सर झुकाये सुन रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिर जुड़ रहा था
दिल मेरा फिरसे नए ख्वाब बन रहा था
और फिर अपने लिए उसी बेवफा को चुन रहा था..
यूँ तो भरोसा नहीं था मुझे उसपर पहले की तरह..
पर फिर भी ये दिमाग था जो सिर्फ दिल की सुन रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
जमीं पे बिखरा दिल मेरा अब आसमां में उड़ रहा था..
ना जाना था जिस गली, अब उसी गली में मुड़ रहा था..
मुद्दतों बाद खुशियां रही थी ज़िन्दगी में हमारी..
पर ना जाने क्यों इस बात से जमाना जल रहा था..
टुटा हुआ दिल मेरा आज फिरसे जुड़ रहा था
अपने पहले प्यार से मुझे दोबारा प्यार हो रहा था..
और वो अपनी सारी गलतियां स्वीकार कर मेरे आगे रो रहा था..
यूँ तो वफाये आज भी उतनी ही थे उसके लिए मेरे दिल में,
पर उसकी बेवफाई का जनाज़ा भरे बाजार उठ रहा था..
शायद इसीलिए मेरा टुटा हुआ दिल आज फिरसे जुड़ रहा था


Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?