Maa Poetry by Goonj Chand – The Digital Shayar

Bachpan Ki Beeti Bataon Ko Main Bhul Kabhi Na Pati Hun..
Pyar To Bahut Karti Hun Apse Maa, Bas Izhaar Nahi Kar Pati Hun..

बचपन की बीती बातों को मैं भूल कभी ना पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

रूठ जाये खुदा भी पर आप ना रूठना कभी..
टूट जाऊँ अगर मैं कभी, पर आप ना टूटना कभी..
आपको देखकर ही तो कुछ करने की हिम्मत कर पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

देना हौंसला जब भी कमजोर सा पाओ मुझे..
चाहती हूँ जब भी रोऊँ आप ही गले लगाओ मुझे..
आप नहीं होती साथ तो खुद को बहुत अकेला सा पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

जाने अनजाने में सही तुम्हारा दिल तो दुखाया है मैंने..
आज इन अनकही बातों को पन्नो पर उतारा है मैंने..
जिंदगी के कुछ कठिन फैसलों में सलाह आपकी ही चाहती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

क्यों करे किसी गैर पर ऐतबार बताओ..
क्यों बसाये एक नया घर बार बताओ..
मैं तो जिंदगी भर आपके और पापा के साथ रहना चाहती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

बचपन की बीती बातों को मैं भूल कभी ना पाती हूँ..
प्यार तो बहुत करती हूँ आपसे माँ, बस इज़हार नहीं कर पाती हूँ..

Maa Poetry by Ankit Guryan – Mother’s Day Special

माँ तुम ही थी वो,
जिसकी ख़ुशी मेरी हंसी से थी..
जिसका दुःख मेरे दुःख से था..
और एक मैं था पागल नासमझ,
जो कभी कभी तुम्हे Hurt किया करता था..

हाँ ये सच हैहाँ ये सच है माँ,
कि मैं कभी कभी तुम्हे Hurt किया करता था..
लेकिन थोड़ी देर बाद माफ़ी भी तो मांग लिया करता था..
माँ एक तुम ही थी इस पूरी दुनिया में,
जो मुझे इतना प्यार किया करती थी..
क्योंकि मेरी गलती छोटी हो या बड़ी,
तुम हर बार माफ़ कर दिया करती थी..

माँ मुझे आज भी याद है,
माँ मुझे आज भी याद है..
जब तू रोटी बनाया करती थी.
खाना खिलाने के लिए प्यार से मुझे बुलाया करती थी..
तू मेरी कितनी फ़िक्र करती है,
ये बात भी मुझे तभी पता चलती थी..
जब खुद खाने से पहले तू मुझे खिलाया करती थी..
मुझे बहुत रोना आता था माँ,
मुझे बहुत रोना आता था माँ..
क्योंकि मुझे खिलाने के बाद,
कभी कभी तू खुद भूखी सो जाया करती थी..

माँ मुझे आज भी याद है,
जब मैं बीमार हुआ करता था..
तू ही सबसे ज्यादा परेशान रहा करती थी..
मैं लेटा रहता था चारपाई पर,
और तू मेरी सिरहाने बैठकर मेरा सिर सहलाया करती थी..
चोट लगती थी कभी जब मुझे,
मेरे जख्मो पर मरहम तू ही लगाया करती थी..
दर्द होता था मुझे हमेशा लेकिन,
आँखों में आंसू लेकर तू रोया करती थी..

माँ आज मैं सोचता हूँ,
जब मैं तुझसे इतना दूर हूँ..
तो तू कैसे रहती होगी?
वो सुख दुःख की बातें जो हम आपस में किया करते थे..
अब तू किसके साथ किया करती होगी?
दिल को समझाने के लिए हम फ़ोन पर बात भी कर लेते है,
लेकिन मैं जनता हूँ माँ,
फ़ोन कट हो जाने के बाद तू जरूर रोया करती होगी..

माँ जिंदगी में हम कितने मजबूर हो गए..
कि एक दूसरे से इतने दूर हो गए..
माँ अब नहीं रहा जाता तुमसे दूर,
मैं हमेशा की तरह तुम्हारे गले लगना चाहता हूँ..
मुझे कुछ और नहीं चाहिए माँ अब,
बस बचपन के जैसे तुम्हारी गोद में,
सिर रखकर सोना चाहता हूँ..

Maa aur Tum – Meri Maa Ka Pyar badal Nahin Skta

Tera Pyar Aaj Nahin To Kal Badal Jayega,
Magar Meri Maa ka Pyar Kabhi Badal Nahin Sakta.

तेरी नजरो में गिरकर तो संभल सकता हूँ मैं,
मगर अपनों की नजर में गिरकर संभल नहीं सकता
तेरा प्यार आज नहीं तो कल बदल जायेगा,
मगर मेरी माँ का प्यार कभी बदल नहीं सकता

तुझे मुझसे ज्यादा दौलत प्यारी है,
उसे दौलत से ज्यादा मेरी चाहत प्यारी है
तुझे अच्छे लगते होंगे मेरी आँखों में आंसू,
मगर मेरी माँ को तो बस मेरी मुस्कान प्यारी है
तुझे तो मिल जायेंगे और भी बहुत सारे,
मगर उसे मेरे सिवा कोई और मिल नहीं सकता
तेरा प्यार आज नहीं तो कल बदल जायेगा,
मगर मेरी माँ का प्यार कभी बदल नहीं सकता

तू मेरी हर गलती पर नाराजगी जताती है,
गलती तेरी होती है और मुझे सताती है
चाहे मैं लाख खफा हो जाऊँ अपनी माँ से,
फिर भी वो मुझे हँसहँस के मनाती है
तेरे लिए तो और भी बहुत है इस दुनिया में,
मगर मेरी माँ का गुजारा मेरे बिना चल नहीं सकता
तेरा प्यार आज नहीं तो कल बदल जायेगा,
मगर मेरी माँ का प्यार कभी बदल नहीं सकता...

 

To Kya Hua – Happy Anniversary MoM DaD by Vihaan Goyal

To Kya Hua,
Agar Maa Apke Liye Whatsapp Status Nahi Likhti Hai,
Par Wo Sindoor Aap Hi Ke Naam Ka Lagati Hai..

पापा आपकी शादी की वीं सालगिरह रही है,
और मुझे ना आपसे कुछ कहना है..

तो क्या हुआ,
अगर अब आप माँ को I Love You नहीं कहते है..
पर उनके बिना एक पल भी तो नहीं रहते..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ आपके लिए व्हाट्सप्प स्टेटस नहीं लिखती है..
जानते है, उन्होंने वो लव लेटर आज तक संभाल के रखे है,
जो आपने उन्हें शादी से पहले लिखे थे..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ का वजन थोड़ा सा बढ़ गया है..
और अब वो वैसी नहीं दिखती, जैसी कॉलेज में दिखती थी..
पर वो सिन्दूर आप ही के नाम का लगाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ आपसे अपनी साडी सेलेक्ट नहीं करवाती है..
पर मंगलसूत्र वही पहनती है जो आपने पहनाया था..

तो क्या हुआ,
अगर माँ सारा दिन टीवी सीरियल देखती रहती है..
पर जब तक आप घर नहीं आते, एक टक दरवाजा भी देखती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ के बाल सफ़ेद हो गए है..
पर आपकी शर्ट पर लगे हर दाग वही छुड़ाती है..

तो क्या हुआ,
कि अब माँ जल्दी सो जाती है..
पर सुबह सबसे पहले उठके आपके लिए चाय भी तो बनाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ चोरी छिपे आपकी जेब से पैसे निकाल लेती है..
पर जब कभी आपकी सैलेरी देर से आती है,
तो घर कर खर्च वही देती है..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ आपकी फेवरेट सब्जी नहीं बनाती है..
जानते है, जब तक आप नहीं खाते, तब तक वो भी नहीं खाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ दादी की शिकायतें करती रहती है..
जानते है जब तक दादी दवाई नहीं खाती,
सबसे ज्यादा बैचैन वही रहती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ आपसे छोटी छोटी बात पर झगड़ती रहती है..
पर करवाचौथ के व्रत में आप ही के पाँव पड़ती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ अपनी सहेलियों को घर बुलाती है..
भाग्यशाली है आपको पाकर, सबको यही बताती है..

तो क्या हुआ,
कि अब आप दिल बेक़रार नहीं करते..
तो क्या ये सच है कि अब आप माँ से प्यार नहीं करते..
अगर झूठ है तो फिर तैयार हो जाइये,
क्योंकि दिल के मामले में किसी का इंतज़ार नहीं करता..

गुड्डीबुलाते थे ना आप माँ को,
मैंने लेटर्स पढ़े है..
शादी करेंगे गुड्डी से फिरसे

 
 

Maa Teri Yaad Bahut Satati by RJ Vashishth

Maa Teri Yaad Bahut Satati, Maa Teri Yaad Bahut Satati..
माँ तेरी याद बहुत सताती..

रात को देरी से सो जाऊँ तो अब डाँट नहीं सुनाती..
सुबह को जल्दी उठाने के लिए अब कोई आवाज नहीं आती..
बाहर का खाना अच्छा नहीं है, मत खा
ऐसा कई बार सुना था..
आज तुझसे दूर है तो शौंक से या फिर,
मजबूरी में बाहर का खाना खाते है..
पर जीभ से तेरे हाथो से बनी रोटी की मिठास नहीं जाती..
कंगन की खनक नहीं सुनाई पड़ती..
बेटा जल्दी घर जाना, रात को ठंड लगेगी, स्वेटर लेके जा
आज जब भी ऑफिस से घर वापिस जाते ठंड लगती है,
तब माँ तेरी वो बात जरूर याद आती है..
माँ तेरी हर बात जरूर याद आती है..

बेपरवाही से बीमार पड़ता तो रो रो के दवाई लेकर आती..
बुखार को भगाने तू रात भर गीले कपडे लगाती..
मुझे पहले खिलाती, खुद ना खाती..
ना जाने क्यों आज बुखार लाने की बचकानी चाह दिल से आती..
माँ तेरी याद बहुत सताती, माँ तेरी याद बहुत सताती..

 
 
ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी