Koi Itna Bada Bhi Hota Hai by Piyush Singh


Ae Fauji Kahan Rakhun Tujhko Mera Dil Tere Kad Se Chota Hai..
Tere Ijjat Ki Kya Baat Karun, Koi Itna Bada Bhi Hota Hai..

फौजी, कहाँ रखूं तुझको, मेरा दिल तेरे कद से छोटा है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
यहाँ रिश्तों के सन्नाटे में कोई किसी को वक़्त कहाँ दे पाता है..
इस देश में बेगानो पे भी तू जान लुटाकर आता है..
यहां वक़्त बुरा जाये तो, कोई कहाँ खड़ा भी होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
तेरे घर की दिवाली में फौजी अरमान जलाये जाते है..
तेरी अम्मी की हर दुआ में भी रमज़ान निभाए जाते है..
अपनों के बिना हर त्योहारों का रंग भी फीका होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
मेरी पंखुड़ियों के रंगो से, वर्दी का रंग निराला है..
मेरा काबा तू, मेरा चर्च तू, और तू ही मेरा शिवाला है..
इस वर्दी के अंदर शायद छुपा एक फरिश्ता होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
तेरे पाँव से लिपटे बच्चे को, तू छुड़ा गया था सीमा पर..
तेरी बीवी के हर आंसू पर तू लुटा गया था भारत माँ पर..
कोई अपने परिवार से क्या इस कदर बेवफा होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
जब तिरंगे में लिपटकर तेरी लाश घर को आई तो..
गर्व था तेरे बाप को पर आँख भी भर आई तो..
मर जाये मिट्टी के लिए, कोई इस कदर भी जिया होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..
आसमानो की बुलंदी आगे तेरे छोटी पड़ी..
कर्जा तेरा इस देश पर इज्जत तेरी सबसे बड़ी..
पियूष भी क्या लिख पायेगा किरदार बड़ा जब होता है..
तेरे इज्जत की क्या बात करूँ, कोई इतना बड़ा भी होता है..

Pulwama Attack Ka Jawaab by Goonj Chand


Kashmir Ki Ghati Pe Phool Hindustan Ka Khilne Wala Hai..
Ek Ek Aatankwadi Ka Sir Dhad Se Alag Hone Wala Hai..

कश्मीर की घाटी पे फूल हिन्दुस्तान का खिलने वाला है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
छुप जाओ जहाँ छुप सकते हो, फिर भी उनको पता चल जाना है..
हाथ बंधे थे अब तक उनके, अब जोश पूर्ण स्वंतंत्रता वाला है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
आत्मसमर्पण कर दो अब तुम, क्योंकि फौज का तरीका निराला है..
पिछली बार तो बस गोली मारी थी, इस बार धड़ भी ना मिलने वाला है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
वो लोग भी बच नहीं पाएंगे अब, जिनका आतंकियों को सहारा है..
अपना समझकर छोड़ा था, पर अब पहला नंबर तुम्हारा है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
सिर्फ खून के बदले खून नहीं अब, उनकी रूह तक को तड़पाना है..
और हिन्दू मुस्लिम साइड में रख, हिंदुस्तानी होकर झंडा फहराना है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
कायर हो तुम सब के सब, इसलिए पीठ पीछे वार करना तुम्हे सिखाया है..
उरी में सोये मासूमों पर गोली चलवाई, और अब पुलवामा में ब्लास्ट करवाया है..
इस बार तुम्हारा सामना तुम्हारे बाप से होने वाला है..
और पीछे से किये गए वार का जवाब तुम्हे सामने से मिलने वाला है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..
काँपो के थर थर खौफ से तुम, मांगोगे पनाह फिर मौत से तुम..
तुम्हारे घर में घुसकर ही तुम्हारा किर्याकर्म करवाना है..
और तुम जैसे शैतानो की तो अल्लाह भी ना सुनने वाला है..
और जन्नत के चक्कर में अब तुम्हे जहन्नुम भी ना मिलने वाला है..
एक एक आतंकवादी का सिर धड़ से अलग होने वाला है..

Fauji Ka Khat by Vihaan Goyal


Dushmano Ke Sar Dhad Se Alag Karke Aaunga..
Maa Mera Intzaar Karna, Main Ek Din Ghar Aaunga..

इस खत में सरहद पे खड़े एक जवान की कहानी है..
जिसने देश के नाम लिख दी अपनी जवानी है..
मेरी सांसे बाकि रही तो मैं चलकर आऊंगा..
नहीं तो मैं तिरंगे में लिपटकर आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना,
मैं देश के दुश्मनो से निपटकर आऊंगा..
माँ मैं एक दिन घर आऊंगा..
तुमसे पहले मैं भारत माँ को एक वचन दे चुका हूँ..
मेरी रगो में बहते रक्त का एक एक कण दे चुका हूँ..
अपनी मिट्टी के लिए कटाकर अपना सर आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..
मैं यहाँ जाग रहा हूँ, ताकि देश चैन से सोये..
ना ही को दुश्मन अंदर सके और ना ही कोई अपनों को खोये..
मेरे साथी मुझे सलामी देंगे, मैं अमर कहाऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..
मेरी बहन से कहना कि राखी जल्दी भिजवाए..
कह देना पापा से कि दवाइयां टाइम पे खाये..
और अपनी बहु से कहना कि अपनी मांग का सिन्दूर ना पोंछे,
मैं आपने खून से उसकी मांग भरकर जाऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..
मेरे कर्त्तव्य से ज्यादा कुछ भी खूबसूरत नहीं है..
मुझे किसी अवार्ड की भी जरुरत नहीं है..
मेरे साथियों से जो काम अधूरा छूट गया है,
मैंने शपथ ली है कि उसे पूरा करके आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..


Aazadi Ka Jashan by RJ Vashishth


Humne Aazadi Ka Jashan Mana Liya..

हमने आज़ादी का जश्न मना लिया..
माँ एक ही दिन की तो छुट्टी मिलती है, सोने दे ना माँ
ऐसा कहते हुए भारत माँ को सोते सोते सलाम कर दिया..
हमने आज़ादी का जश्न मना लिया..
जो शहीद हुए है उनकी, जरा याद करो कुर्बानी
ये गाते गाते, “Bro, Cheap Thrills, क्या सही गाना है यार, मजा गया
 हमने यह भी कह दिया..
और आज़ादी का जश्न मना लिया..
हैल्लो, हम उनके जैसे नहीं है, ठीक है..
हमने तो सुबह उठके फ्लैग होस्टिंग किया,
और उसके बाद टीवी पे परेड भी देखी..
बस इतना कहके रास्ते पे थोड़ा कचरा भी फेंक दिया..
आज़ादी है भाई, हमने आज़ादी का जश्न मना लिया..
अरे यार,  Is it 69th or 70th..
भाई क्या फर्क पड़ता है, Just Type Happy Independence Day..
ऐसे Confusion में हमने आज़ादी को Fusion बना दिया..
हाँ हमने आज़ादी का जश्न मना लिया..


Baap Ka Maal Samjha Hai Kya?