Chal Aaj Main Tujhe Thukrati Hoon by Pooja Sonawane

Main Kya Hoon Aaj Main Tujhe Batati Hoon…
Tu Kya Mujhe Thukrayega, Chal Aaj Main Tujhe Thukrati Hoon..

मैं क्या हूँ ये आज मैं तुझे बताती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

बहुत जी लिए ईमानदारी वाली ज़िन्दगी,
चल आज मैं तेरी तरह पत्थर दिल होकर देखती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

तेरे हरेक झूठ का नकाब आज मैं उतारती हूँ,
और सुन आज भरी महफ़िल में मैं तुझे बेवफा कहकर पुकारती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

बहुत सस्ती लगती है ना मेरी मोहब्बत तुझे,
तो चल आज मैं कुछ अमीरो वाला काम करती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

तेरे चेहरे की रौनक का एक हसीं कारण थी ना मैं कभी,
तो चल आज तेरे दिल की तबाही की वजह भी मैं बन जाती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

बहुत सवाल उठाये तूने मेरी मोहब्बत पे, पर मैंने कभी तुझे कुछ कहा नहीं..
शक के कटघरे में खड़ा किया तूने मेरी मोहब्बत को,
फिर भी मैंने तुझपे कोई सवाल उठाया नहीं..
पर सुन तेरी असली जगह कहाँ है ये मैं तुझे बताती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

जो मोहब्बत मुझसे सीखी तूने, वो किसी और पे कुर्बान करने चला था तू..
ठोकर खाकर उससे फिर मेरे पास आने चला था तू..
पर आज धोखे का असली मतलब मैं तुझे समझाती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

बड़े अरसो बाद मुलाकात होगी तुझसे ये वादा आज मैं तुझसे करती हूँ..
और इसी बहाने मेरी शादी का इनविटेशन कार्ड भी मैं तुझे खुद देने आती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

बहुत शौक है ना तुझे लोगो के दिलो से खेलने का,
चल आज मैं तेरे दिल के साथ खेलती हूँ..
तू क्या मुझे ठुकराएगा, चल आज मैं तुझे ठुकराती हूँ..

 
 

Itna Aasan Hota Hai Kya Ek Ladka Hona by Pooja Sonawane

Itna Aasan Hota Hai Kya Ek Ladka Hona..

कि आपके कंधो से कंधे मिलाऊँ उतनी ऊंचाई नहीं है मेरी..
पर कोशिश जरूर करुँगी उस ऊंचाई तक पहुँचने की,
जहाँ आपके कंधे ना पहुँच पाए..

जिम्मेदारियां तो इनके सर पर भी बहुत होती है,
पर ये कभी बताते नहीं है..
रोते तो ये भी बहुत है, पर ये कभी जताते नहीं है..
सपने तो इनकी आँखों में भी बहुत होते है,
पर घर की ख्वाहिशो के सामने इन सपनो को बस सपनो तक ही सीमित रखना..
इतना आसान होता है क्या एक लड़का होना..

मुश्किले तो इन्हे भी दस्तक देती है..
कठिनाइयाँ तो इनकी राह पे भी आती है..
पर इन कठिनाइयों का निडर होकर सामना करना,
मुश्किलों को अपनी मुस्कान के पीछे छुपाना..
इतना आसान होता है क्या एक लड़का होना..

माँ की जरूरते, बहन की नादानियाँ, पापा की वो डाँट..
और ढेर सारे नखरों के साथ ढेर सारे खर्चे उठाना..
इतना आसान होता है क्या एक लड़का होना..

छोड़ जाए बीच रास्ते पे अगर कोई लड़की,
तो तुम खुश रहना, ये कहकर उसे अलविदा कहना..
दिल में लगी ठोकर को भूलकर एक नई शुरुआत करना..
इतना आसान होता है क्या एक लड़का होना..

बुरा भला तो इन्हे भी लोग बहुत कहते है..
सिर्फ एक लड़की के खातिर पूरी मर्दजात को लोग बदनाम करते है..
इस बदनामी को ईमानदारी से सहना..
इतना आसान होता है क्या एक लड़का होना..

ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी