Ek Ladki Dhadak Kar Gayi by Vihaan Goyal

Hontho Pe Shehad, Ankho Me Namak Kar Gayi..
Ek Ladki Mere Seene Me Dhadak Kar Gayi..

होंठो पे शहद, आँखों में नमक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

तितलियाँ, भँवरे, सब मेरे पीछे गए..
वो फूलों का सारा रस मुझमें भर गए..
बरसाने लगा उस पर बूँद बूँद मैं,
वो बिजली की तरह मुझमें कड़क कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

शराब पी मैंने नशा उसे हो गया..
मुझे होश गया, वो इतनी बहक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

मुझे लगा मेरी साँस कहीं रुक ना जाये..
वो अपनी साँस को मेरी साँस की सड़क कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

यूँ टूट के बिखरी मेरे बदन के फर्श पर,
की अपनी रूह को मेरे जिस्म पर रख कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

होंठो पे शहद, आँखों में नमक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

 
 

Tum Samajhti Kyon Nahi by Vihaan Goyal

Main Dekhta Hun Tumhe Shahrukh Ki Tarah..
Tum Kajol Ki Tarah Palatati Kyon Nahi..
Yaar Tum Samajhti Kyon Nahi..

मैं देखता हूँ तुम्हे शाहरुख़ की तरह,
तुम काजोल की तरह पलटती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

मैं तुम्हारे ख्यालों में खेलता हूँ विराट की तरह..
तुम अनुष्का की तरह मेरा कैच लपकती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

इतना भाव क्यों खाती हो, अच्छा दिखता हूँ, बैंक बैलेंस है..
गिटार बजाता हूँ, शायरी भी लिखता हूँ..
तुम्हारी हर DP पर दिल वाला लाइक दूंगा..
मेरी फ्रेंड रिक्वेस्ट Accept करती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

मेरी बाइक पर बैठ जाना, जस्ट होल्ड में टाइट..
हाई स्पीड में चलाऊंगा, गोवा बीच की होगी राइड..
शॉपिंग भी करवाऊंगा, मुझे देखकर जुल्फें झटकती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

फर्स्ट डे फर्स्ट शो दिखाऊंगा, फाइव स्टार में खिलाऊंगा..
कोई घूरे तुम्हें उसके कान पे बजाके सॉरी बुलवाऊंगा..
तुम्हारा फादर फिगर बन जाऊंगा,
मेरे हाथों में अपने हाथ रखती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

तुम्हारे भाई को जॉब दिलवाऊंगा, मम्मी को बनारसी साडी..
तुम्हारे पापा को दिलाके दवाई दूर कर दूँ हर बिमारी..
अपने घरवालों से मुझे Introduce करती क्यों नहीं..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

धुप जो तेरा रूप बिगाड़े, तो बादल हो जाऊंगा..
अगर सर्दी आये तेरे आड़े, तो कम्बल हो जाऊंगा..
मेरे होंठो पर अलफ़ाज़ की तरह ठहरती क्यों नहीं..
तुमसे प्यार हो गया है यार..
यार तुम समझती क्यों नहीं..

 
 

Tera Ishq Peeskar Pi Jaunga by Vihaan Goyal

Aakar Ke Teri Toli Me, Tujhe Rang Lagaun Holi Me..
Tera Ishq Peeskar Pi Jaunga, Main To Bhaang Ki Goli Me..

आकर के तेरी टोली में, तुझे रंग लगाऊं होली में..
कि तेरा इश्क़ पीसकर पी जाऊंगा, मैं तो भांग की गोली में..

चढ़कर ना ये भांग उतरेगी, कुछ ऐसा नशा चढ़ाऊंगा..
तेरे होंठ से अपने होंठ सटाकर, दबाके मीठा खाऊंगा..
तेरा ही रंग दिखेगा बस, मेरे दिल की रंगोली में..
तेरा इश्क़ पीसकर पी जाऊंगा, मैं तो भांग की गोली में..

मस्ती में ढोल बजाऊंगा, मैं तो सारारारा गाऊंगा..
तुझे उठाकर गोदी में, मैं अंग से अंग लगाऊंगा..
तुझे सुर्ख लाल रंग दूंगा मैं, गुलाल मिलाकर रोली में..
तेरा इश्क़ पीसकर पी जाऊंगा, मैं तो भांग की गोली में..

तुझको भी होगी चढ़ी हुई, सब गोल गोल दुनिया होगी..
मन मेरा मोहने को, पिंजरे वाली मुनिया होगी..
तेरा हाथ पकड़कर नाचूंगा, मैं तो मस्ती में, हंसी ठिठोली में..
तेरा इश्क़ पीसकर पी जाऊंगा, मैं तो भांग की गोली में..

तू इतने मेरे पास रहे, जैसे सीने में साँस रहे..
इस हद तक मुझमें शामिल तू, जैसे रूह पे तन का लिबास रहे..
तुझे उठाकर ले जाऊंगा, मैं तो दुल्हन की डोली में..
तेरा इश्क़ पीसकर पी जाऊंगा, मैं तो भांग की गोली में..

 
 

Jab Wo Mujhe Chahne Lagegi by Vihaan Goyal

Abke Kahani Ko Kuch Is Tarah se Mod Dunga Main..
Ki Jab Wo Mujhe Chahne Lagegi To Use Chod Dunga Main..

अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं,
कि जब वो मुझे चाहने लगेगी, तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

उसे बड़ा शौक है, लोगों के इमोशंस से खेलने का,
पता चलेगा जब उसका भी दिल तोड़ दूंगा मैं..
उसको बताऊंगा कि बेवफाई आखिर कहते किसको है,
जब उसी के सामने किसी और से रिश्ता जोड़ लूंगा मैं..
अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं..

मुझे लगा था कि हमारा प्यार राधा कृष्ण के जैसा है..
कि कभी पनघट पे मिली तो तेरी कलाई मरोड़ दूंगा मैं..
पर तूने यूँ मेरे जज्बात के साथ खेल खेला है,
कि तू अब खुदा भी हो जाये तो सजदे करना छोड़ दूंगा मैं..
अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं…

वो नूर गुलाबी आंखों का जिनसे हम धोखा खाये थे..
उनमे आंसू भरके सारे रंग निचोड़ दूंगा मैं..
जब वो मुझे चाहने लगेगी तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

जो अबके भी तू मेरी बेटिंग देखने छत पर ना आयी,
तो छक्का मारकर तेरी खिड़की का शीशा तोड़ दूंगा मैं..
जब वो मुझे चाहने लगेगी तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

मेरे दोस्त मुझे कहते है कि मेरा गुस्सा महज एक दिखावा है..
तू अभी भी वापस लौट आये तो सबकुछ छोड़ दूंगा मैं..
जो रहिमन धागा प्रेम का, तूने तोड़ दिया चटकाए..
उसे रंग गेरुवां धागे से, फिर से जोड़ दूंगा मैं..

अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं,
कि जब वो मुझे चाहने लगेगी, तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

 
 

Fauji Ka Khat by Vihaan Goyal

Dushmano Ke Sar Dhad Se Alag Karke Aaunga..
Maa Mera Intzaar Karna, Main Ek Din Ghar Aaunga..

इस खत में सरहद पे खड़े एक जवान की कहानी है..
जिसने देश के नाम लिख दी अपनी जवानी है..

मेरी सांसे बाकि रही तो मैं चलकर आऊंगा..
नहीं तो मैं तिरंगे में लिपटकर आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना,
मैं देश के दुश्मनो से निपटकर आऊंगा..
माँ मैं एक दिन घर आऊंगा..

तुमसे पहले मैं भारत माँ को एक वचन दे चुका हूँ..
मेरी रगो में बहते रक्त का एक एक कण दे चुका हूँ..
अपनी मिट्टी के लिए कटाकर अपना सर आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..

मैं यहाँ जाग रहा हूँ, ताकि देश चैन से सोये..
ना ही को दुश्मन अंदर सके और ना ही कोई अपनों को खोये..
मेरे साथी मुझे सलामी देंगे, मैं अमर कहाऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..

मेरी बहन से कहना कि राखी जल्दी भिजवाए..
कह देना पापा से कि दवाइयां टाइम पे खाये..
और अपनी बहु से कहना कि अपनी मांग का सिन्दूर ना पोंछे,
मैं आपने खून से उसकी मांग भरकर जाऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..

मेरे कर्त्तव्य से ज्यादा कुछ भी खूबसूरत नहीं है..
मुझे किसी अवार्ड की भी जरुरत नहीं है..
मेरे साथियों से जो काम अधूरा छूट गया है,
मैंने शपथ ली है कि उसे पूरा करके आऊंगा..
माँ मेरा इंतज़ार करना, मैं एक दिन घर आऊंगा..

 
 

To Kya Hua – Happy Anniversary MoM DaD by Vihaan Goyal

To Kya Hua,
Agar Maa Apke Liye Whatsapp Status Nahi Likhti Hai,
Par Wo Sindoor Aap Hi Ke Naam Ka Lagati Hai..

पापा आपकी शादी की वीं सालगिरह रही है,
और मुझे ना आपसे कुछ कहना है..

तो क्या हुआ,
अगर अब आप माँ को I Love You नहीं कहते है..
पर उनके बिना एक पल भी तो नहीं रहते..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ आपके लिए व्हाट्सप्प स्टेटस नहीं लिखती है..
जानते है, उन्होंने वो लव लेटर आज तक संभाल के रखे है,
जो आपने उन्हें शादी से पहले लिखे थे..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ का वजन थोड़ा सा बढ़ गया है..
और अब वो वैसी नहीं दिखती, जैसी कॉलेज में दिखती थी..
पर वो सिन्दूर आप ही के नाम का लगाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ आपसे अपनी साडी सेलेक्ट नहीं करवाती है..
पर मंगलसूत्र वही पहनती है जो आपने पहनाया था..

तो क्या हुआ,
अगर माँ सारा दिन टीवी सीरियल देखती रहती है..
पर जब तक आप घर नहीं आते, एक टक दरवाजा भी देखती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ के बाल सफ़ेद हो गए है..
पर आपकी शर्ट पर लगे हर दाग वही छुड़ाती है..

तो क्या हुआ,
कि अब माँ जल्दी सो जाती है..
पर सुबह सबसे पहले उठके आपके लिए चाय भी तो बनाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ चोरी छिपे आपकी जेब से पैसे निकाल लेती है..
पर जब कभी आपकी सैलेरी देर से आती है,
तो घर कर खर्च वही देती है..

तो क्या हुआ,
अगर अब माँ आपकी फेवरेट सब्जी नहीं बनाती है..
जानते है, जब तक आप नहीं खाते, तब तक वो भी नहीं खाती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ दादी की शिकायतें करती रहती है..
जानते है जब तक दादी दवाई नहीं खाती,
सबसे ज्यादा बैचैन वही रहती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ आपसे छोटी छोटी बात पर झगड़ती रहती है..
पर करवाचौथ के व्रत में आप ही के पाँव पड़ती है..

तो क्या हुआ,
अगर माँ अपनी सहेलियों को घर बुलाती है..
भाग्यशाली है आपको पाकर, सबको यही बताती है..

तो क्या हुआ,
कि अब आप दिल बेक़रार नहीं करते..
तो क्या ये सच है कि अब आप माँ से प्यार नहीं करते..
अगर झूठ है तो फिर तैयार हो जाइये,
क्योंकि दिल के मामले में किसी का इंतज़ार नहीं करता..

गुड्डीबुलाते थे ना आप माँ को,
मैंने लेटर्स पढ़े है..
शादी करेंगे गुड्डी से फिरसे

 
 

Badnaam Shayar by Vihaan Goyal

Ek Ek Shakhsh Ki Jubaan Par Mera Naam Aa Raha Hai,
Ab Kehte Hai Ki Wo Dekho Shayar Badnaam Aa Raha Hai..

तेरा दर्द कुछ इस तरह से मेरे काम रहा है,
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
जो लोग पहले हमें पहचानते तक ना थे,
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

तेरे इस आशिक़ का है लोगो में ये सुरूर आजकल,
हमें दवा देकर हो रहे है मशहूर आजकल..
उन्हें दिल से जो निकाला तो ये मकाम रहा है..
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

अपने जिस्म में रूह सा उतारते थे तुझे,
मानकर जिंदगी गुजारते थे तुझे..
अब ये हाल है, ना ही कोई दुआ ना ही कोई सलाम रहा है..
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

सर्द रातों में जब बेलिबास होकर जब कांपने लगते थे,
तो सुलगाते थे तुझे और तापने लगते थे..
तेरे होंठ जब मेरे होंठो के करीब आते थे..
तो ऐसा लगता था कि मेरे करीब कोई जाम रहा है..
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

भले ही तुझे हमसे मोहब्बत ना हो,
मैं चाहूंगा तुझे भले इजाजत ना हो..
हर दिन अश्क बनकर आँखों में तू सुबह शाम रहा है..
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

काश कि मेरी याददाश्त चली जाती,
मेरे दिल मेरे दिमाग से तेरी हर बात चली जाती..
ना चाहते हुए भी तेरा जिक्र सरेआम रहा है..
एक एक शख्श की जुबां पर मेरा नाम रहा है..
अब कहते है, वो देखो शायर बदनाम रहा है..

 

Main Laat Marta Hoon Aise Feminism Par by Vihaan Goyal

Main Laat Marta Hoon Aise Feminism Par..

हाथ में सिगेरट पकड़कर, सड़क पे, किसी लोंडे से लाइटर मांगने को अगर तुम फेमिनिज्म कहती हो,
तो मैं लात मारता हूँ ऐसे फेमिनिज्म पर..
क्यूंकि मजदूरी करने वाली औरते भी माहौल के बहाव में आकर बीड़ी पी ही लेती है,
लेकिन उन औरतो को फेमिनिज्म शब्द का मतलब तक नहीं पता होता..

तुम दारु के नशे में धुत्त, लड़खड़ाती हुई रात को घर आओ,
और अगर तुम्हारा बाप तुमसे पूछे किये क्या हाल बना रखा है
तो तुम उन्हें जवाब दोभाई भी तो ऐसे ही करता है, आप उसे तो कुछ नहीं कहते, मैं लड़की हूँ इसलिए
और तुम अपने नशे की इस लत को जस्टिफाई करने के लिए, तुम इसे फेमिनिज्म का नाम दो..
तो मैं लात मारता हूँ ऐसे फेमिनिज्म पर..
क्यूंकि अगर दारु पीने से लड़कियों को आज़ादी मिल रही होती,
तो आज दुनिया की हर लड़की सिर्फ दारू ही पीती..

कॉलेज की कैंटीन में चाहे लड़को की बराबरी करने के लिए तुम गन्दी गन्दी गालियां दो,
और अपनी इस घटिया हरकत को तुम फेमिनिज्म का नाम दो,
तो मैं लात मारता हूँ ऐसे फेमिनिज्म पर..
क्यूंकि अगर गालियां देकर लड़कियां लड़को की बराबरी कर लेती,
तो माँ बाप लड़कियों को पढ़ने लिखने के लिए स्कूल कॉलेज नहीं भेजते,
बल्कि गालियों में मास्टरी करवाते..

तुम्हे जितने चाहे बॉयफ्रेंड बनाने है बनाओ,
जिस लड़के के साथ घूमना है घूमो..
कोई तुम्हारा करैक्टर जज नहीं कर रहा है..
लेकिन अपने इस बॉयफ्रेंड मेकिंग आर्ट को तुम अगर फेमिनिज्म का नाम देती हो,
तो मैं लात मारता हूँ ऐसे फेमिनिज्म पर..
क्योंकि अगर ज्यादा बॉयफ्रेंड बनाने से वुमन एम्पावरमेंट होती,
तो आज फ़ोर्ब्स की लिस्ट में किसी स्पोर्ट्स पर्सन, बिज़नेस वुमन, पॉलिटिशियन, एक्ट्रेस का नाम नहीं होता,
बल्कि जिस लड़की के ज्यादा बॉयफ्रेंड है, उसका नाम टॉप पर होता..

 
फेमिनिज्म का असली मतलब ये है कि सोसाइटी में औरतो को मर्दो के बराबर का हक़ मिले.. लेकिन इस बराबरी के चक्कर में जो लड़कियां फेमिनिज्म के नाम पर गुमराह हो रही है, ये मश्ग उन्ही लड़कियों के लिए है..क्योंकि साडी पहनकर घर को सँभालने वाली हाउस वाइफ भी फेमिनिस्ट हो सकती है लेकिन ऐसा जरुरी नहीं है कि जो लड़की मॉडर्न कपडे पहनकर ऑफिस में जाकर काम करे, वो फेमिनिस्ट हो..

 
 

Ab Khud Rape Karwa Kar Dekho by Vihaan Goyal

Maan Lo Tum Aurat Ho, Ab Khud Rape Karwa Kar Dekho

तो तुम हो, जिसने रेप किया..
अब तो तुम मर्द बन गए होंगे ना,
चलो मान लेते है थोड़ी देर के लिए तुम वही औरत हो,
जिस औरत का तुमने रेप किया है..
अब किसी बेबस औरत की तरह कुत्तो से,
अपना जिस्म नोंचवाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

तुम्हारी शर्ट के ऊपर के दो बटनो के बीच में से मैं अपनी आंखे सेंकु..
और इंतज़ार करूँ कि कब नीचे के दो बटन खुलेंगे..
तुम घूम जाओ और तुम्हारे टाइट टॉप में से झलक रही ब्रा की शेप को देखकर मैं अंदाजा लगाऊं,
कि अब इन्हे उतारना कैसे है?
अब तुम खुद को मेरी गन्दी नजरो से छुपाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

तुम्हारी स्कूटी किसी सिगनल पर आकर रुके,
और गलती से तुम्हारी टाइट जींस थोड़ी सी नीचे हो जाये,
और मैं अंदाजा लगाऊं,
कि तुम्हारे अंडरवियर का कलर क्या होगा?
और तुम्हारी फिगर को फिगरआउट करूँ,
और अचानक से तुम्हारी नजर मेरी नजर से मिल जाये,
अब तुम अपनी स्कूटी की स्पीड को बढाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

तुम किसी नाईट पार्टी में आओ, शॉर्ट्स पहनकर..
और मैं तुम्हारे सेक्सी सेक्सी लेग्स को देखकर अपने अंदर के वहशी दरिंदे को जगाऊँ..
और घात लगाकर बैठूँ कि तुमपर दारू का नशा पूरी तरह चढ़ेगा..
सारे दोस्त अपने घर चले जायेंगे और मजबूरन,
तुम मुझसे खुद को घर छोड़ने के लिए कहो..
अब इसके बाद तुम खुद को मुझसे बचाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

मैं तुम्हारा मुँह दबाकर किसी सुनसान जगह पर ले जाऊं,
तुम चीखती रहो, चिल्लाती रहो, मुझसे दया की भीख मांगती रहो..
मैं तुम्हारी एक ना सुनु और जानवरो की तरह तुम्हारे सारे कपडे फाड़ दूँ..
और टूट पडु तुमपर किसी वहशी दरिंदे की तरह..
और बुझा दूँ अपने अंदर की प्यास..
और निर्भया की तरह कभी अपने खून से नहलाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

तुम FIR कराने जाओ, पुलिस को  अपने रेप का विवरण बताओ..
लोग तुम्हारे जस्टिस के लिए कैंडल मार्च निकाले,
ओप्पोसिशन सरकार पर आरोप लगाए..
मीडिया तुम्हारी आबरू पर TRP बढ़ाये..
तुम्हारा मंगेतर सगाई की अंगूठी लौटाए,
तुम्हारे माँ बाप किसी को मुँह दिखाने लायक ना रह जाए..
अब इसके बाद तुम किसी एक इंसान से भी नजरे मिलाकर देखो..
और कैसा लगता है कभी खुद रेप करवाकर देखो..

क्या हुआ, माना ना, महसूस हुआ ना कि सबकुछ खत्म हो गया, तुमने जिस लड़की का रेप किया, उसे हर दिन हर पल सिर्फ यही महसूस होता है.. तुमने सिर्फ उस लड़की का रेप नहीं किया, तुमने रेप किया है उस भरोसे का जो तुमने कभी बाप बनकर, भाई बनकर, बेटा बनकर किसी ना किसी को तो दिया होगा.. और अगर इसी तरह इस भरोसे का रेप करते रहना है तो तोड़ दो ना ये सारे रिश्ते.. और अगर तुमसे इतना भी नहीं होता ना तो जला दो वो सारे कागज जहाँ जहाँ तुमने अपने नाम के आगे मर्द लिखा है..

 
 

Tumhe kabhi Us Angle se Nahi Dekha by Vihaan Goyal

Jab Tak Chaha Dil Se Khela, Fir Khali Riffle Ki  Tarah Fenka.
Ab Kehti Hai, You Are My Friend..
Tumhe Kabhi Us Angle Se Nahin  Dekha.

जब तक चाहा दिल से खेला,
फिर खाली Riffle की तरह फेंका..
अब कहती है, “You are Friend”
तुम्हें उस Angle से नहीं देखा..

ये कहकर आयी पास मेरे, “You are Special, You Know?
चिपक के बैठी बाइक पे, Mc D, Costa, cafe chino.
जब नाची साथ में लगा के गाना,
तुम्ही हो बंधू, तुम्ही सखा,
अब कहती है तुम दोस्त हो यार,
तुम्हें उस Angle से नहीं देखा..

कहती थी, मैं कभी किसी को Hii नहीं करती,
सिर्फ तुम्हें Call करती हूँ..
बाकि किसी को Reply नहीं करती..
तब Whatsapp के Status पे भी नाम मेरा लिखा,
अब कहती है तुम दिल के अच्छे हो यार,
पर तुम्हें उस Angle से नहीं देखा..

Shopping, Movie, Longdrive – Awww
तुम मेरी कितनी care करते हो..
मैं भी ना बिलकुल Dumb हूँ,
तुम सबकुछ Share करते हो..
मेरा बाबू, सोना, बच्चा ये सुनके,
जब हमने लांघ ली रेखा,
अब कहती है, “why are you so desperate?
कहा ना, तुम्हें उस Angle से नहीं देखा..

मेरे Credit card से वो खाना मुझे खिलाती थी,
पहनके western, मेरे I phone से फोटो Shoot करवाती थी..
जब देखकर तेरा swagger मैं crazzy हो बैठा,
अब कहती है तुम समझते क्यों नहीं हो यार,
तुम्हें कभी उस Angle से नहीं देखा..

मेरा हाथ पकड़कर हाथ में,
तुम भीगी थी बरसात में..
मेरी तारीफे हंसकर करती थी,
कि जादू है तुम्हारी बात में..
तेरा कहना आज भी चुभता है,
कि जीना तुमसे है सीखा..
अब कहती है, हम सिर्फ दोस्त रहेंगे ना यार,
कभी तुम्हें उस Angle से नहीं देखा..

 
 
ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी