Ek Ladki Dhadak Kar Gayi by Vihaan Goyal

the digital shayar
Hontho Pe Shehad, Ankho Me Namak Kar Gayi..
Ek Ladki Mere Seene Me Dhadak Kar Gayi..

होंठो पे शहद, आँखों में नमक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

तितलियाँ, भँवरे, सब मेरे पीछे गए..
वो फूलों का सारा रस मुझमें भर गए..
बरसाने लगा उस पर बूँद बूँद मैं,
वो बिजली की तरह मुझमें कड़क कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

शराब पी मैंने नशा उसे हो गया..
मुझे होश गया, वो इतनी बहक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

मुझे लगा मेरी साँस कहीं रुक ना जाये..
वो अपनी साँस को मेरी साँस की सड़क कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

यूँ टूट के बिखरी मेरे बदन के फर्श पर,
की अपनी रूह को मेरे जिस्म पर रख कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

होंठो पे शहद, आँखों में नमक कर गयी..
एक लड़की मेरे सीने में धड़क कर गयी..

 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

ना ना बेटा, तुमसे ना हो पायेगा ये कॉपी