Jab Hum Ajnabi Hote Hai by Goonj Chand

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Jab Hum Ajnabi Hote Hai by Goonj Chand

कितनी अच्छी होती है ना जिंदगी,
जब हम अजनबी होते हैं…

क्यूकि तब हमारी जिंदगी के फासले,
हमारे खुद के होते हैं..
ना ही कोई रोक ना ही कोई टोक होती है…
बातैं भी तब हर रोज होती है…
तब हम दूर होकर भी बहुत करीब होते हैं…
कितनी अच्छी होती है ना जिंदगी,
जब हम अजनबी होते हैं…

हर रिश्ते मे पूरी रेस्पेक्ट होती है…
ओर केयर भी टू मच होती हैं…
जिन्दगी मे कुछ फासले भी जरूरी होते हैं…
कितनी अच्छी होती है ना जिंदगी,
जब हम अजनबी होते हैं…
ना ही कोई शक की दीवार होती है…
ना ही प्यार की रुसवाई सरेआम होती है….
एहसास के रिश्ते ना ही  कभी फरेबी होते हैं…
कितनी अच्छी होती हैं ना जिन्दगी,
जब हम अजनबी होते है…

ना ही किसी को भी पाने की खुशी होती है…
ना ही किसी को भी खोने का गम होता है…
प्यार के नाम पर ना ही कोई सवाल जवाब होते हैं…
कितनी अच्छी होती है ना जिन्दगी,
जब हम अजनबी होते हैं…

ना ही सारी रात यू आखों में बरबाद होती है…
ना ही होठों पर किसी के लिए फरियाद होती है…
ओर तब ना ही हम किसी उम्मीदों के शिकार होते हैं….
कितनी अच्छी होती है ना जिन्दगी,
जब हम अजनबी होते हैं…

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