Jab Wo Mujhe Chahne Lagegi by Vihaan Goyal

the digital shayar
Abke Kahani Ko Kuch Is Tarah se Mod Dunga Main..
Ki Jab Wo Mujhe Chahne Lagegi To Use Chod Dunga Main..

अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं,
कि जब वो मुझे चाहने लगेगी, तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

उसे बड़ा शौक है, लोगों के इमोशंस से खेलने का,
पता चलेगा जब उसका भी दिल तोड़ दूंगा मैं..
उसको बताऊंगा कि बेवफाई आखिर कहते किसको है,
जब उसी के सामने किसी और से रिश्ता जोड़ लूंगा मैं..
अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं..

मुझे लगा था कि हमारा प्यार राधा कृष्ण के जैसा है..
कि कभी पनघट पे मिली तो तेरी कलाई मरोड़ दूंगा मैं..
पर तूने यूँ मेरे जज्बात के साथ खेल खेला है,
कि तू अब खुदा भी हो जाये तो सजदे करना छोड़ दूंगा मैं..
अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं…

वो नूर गुलाबी आंखों का जिनसे हम धोखा खाये थे..
उनमे आंसू भरके सारे रंग निचोड़ दूंगा मैं..
जब वो मुझे चाहने लगेगी तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

जो अबके भी तू मेरी बेटिंग देखने छत पर ना आयी,
तो छक्का मारकर तेरी खिड़की का शीशा तोड़ दूंगा मैं..
जब वो मुझे चाहने लगेगी तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

मेरे दोस्त मुझे कहते है कि मेरा गुस्सा महज एक दिखावा है..
तू अभी भी वापस लौट आये तो सबकुछ छोड़ दूंगा मैं..
जो रहिमन धागा प्रेम का, तूने तोड़ दिया चटकाए..
उसे रंग गेरुवां धागे से, फिर से जोड़ दूंगा मैं..

अबके कहानी को कुछ इस तरह मोड दूंगा मैं,
कि जब वो मुझे चाहने लगेगी, तो उसे छोड़ दूंगा मैं..

 
 

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