Jo Karte Hai Ek Tarfa Pyaar By Amit Auumkar

the digital shayar
Wo Hote Hai Lalach Aur Matlab Ke Bandhano Ke Us Paar
Wo Log Jo Karte Hai Ek Tarfa Pyaar

वो होते है लालच और मतलब के बंधनो के उस पार,
वो लोग जो करते है एक तरफा प्यार..

सवाल बहुत होते है उनके मन में भी अपने इश्क़ को लेकर,
पर उन्हें नहीं होता किसी के जवाबों का इंतज़ार..
अपनी धुन में मस्त मगन रहते है वो यार,
बात कर रहा हूँ उनकी,
जो करते है एक तरफा प्यार..

आसपास ही रहते है तुम्हारे,
जबान पर भले ही लगे हो ताले..
पर दिल में जज्बात है बेशुमार,
तुम्हे सोचकर हो जाते है खुश,
तुम्हे देखकर हो जाते है गुलज़ार,
ना जाने कितने है अपने जैसे,
जो करते है एक तरफा प्यार..

ना तुम्हें पाने का लालच रखते है,
ना तुम्हें हासिल करने की ज़िद है उनकी,
तुम ना भी मिलो तो भी खुश है वो,
अरे कमाल की फितरत है उनकी,
अपनी ही है उनकी एक दुनिया,
अपना ही है उनका एक संसार,
कमाल के होते है वो लोग,
जो करते है एक तरफा प्यार..

ना हक़ जताते है तुम पर कभी,
ना मिलने की फरमाइश करते है..
ना देते है नसीहत कभी,
ना कभी अपने प्यार की नुमाइश करते है..
मैंने बड़े देख है ऐसे दिलवाले,
मेरा नाम है अमित ओंमकार..
और मैं सलाम करता हूँ उन लोगों को,
जो करते है एक तरफा प्यार..

~Amit Auumkaar

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