Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse by Goonj Chand

the digital shayar
Meri Bepanah Mohabbat Ko Aaj Bhi Ikraar Hai Tujhse..
Aur Teri Nafrat Keh Rahi Hai Tujhe Pyar Hai Mujhse…

मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

तुझे किस बात का गुरुर है जो जाता नहीं
तेरे बिना एक भी लम्हा मैंने कभी काटा नहीं..
तुझे है बेचैनी तो मेरा करार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

तूने मेरे प्यार को कभी समझा नहीं है..
मेरे प्यार पर हावी तेरी गलतफहमियां रही है..
तेरे लिए मैं कुछ नहीं पर मेरा सारा जहाँ है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

कोशिश की थी मैंने कि सुलझा सकूँ रिश्तों में पड़ी उन गांठो को..
पर भुला ना पायी अपने गालो पर पड़े तेरे उन चांटो को..
तू भूल गया शायद पर मेरा दिल भी कही बेजार है तुझसे
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

बीत गए कितने साल ये सोचकर कि तू कभी वापस आएगा..
और तुझे हुई उन गलतफहमियों की माफ़ी मांग मुझे मनाएगा..
पर तुझे आज भी है गलतफहमिया पर मेरा हर विश्वास है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

मेरी बेपनाह मोहब्बत को आज भी इकरार है तुझसे..
और तेरी नफरत कह रही है तुझे प्यार है मुझसे..

 
 

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