Toh Friendzone Ho Tum by Ashish Mishra

the digital shayar
Toh Friendzone Ho Tum by Ashish Mishra

अगर सच्ची मोहब्बत के नाम पर चार साल से इंतज़ार कर रहे हो,
तो Friendzone हो तुम..

रात में तीन बजे अपनी नींद ख़राब करके उसका कॉल उठा रहे हो,
तो Friendzone हो तुम..

उसके दिल के करीब हो पर उसके दिल में जगह नहीं बना पा रहे हो,
तो Friendzone हो तुम..

खाना तुम उसको अपने हाथो से खिला रहे हो, लेकिन वो कहती है,
किकाश मेरा बॉयफ्रेंड इतना Caring होता
तो Friendzone हो तुम..

गम कि स्टोरी उसकी है पर बेवजह आंसू तुम्हारे बह रहे है,
तो Friendzone हो तुम..

अगर उसकी याद मेंChanna Mareyaसुन रहे हो,
तोFriendzone हो तुम..

Friendzone एक ऐसी बीमारी है जो ठीक हो सकती है,
पर हम उसे ठीक कराना  ही नहीं चाहते..
ना जाने उसके गम में क्या खुशी है पाते..
एकतरफा ही सही इस प्यार में कुछ बात है..
दिल सह रहा है दर्द पर नहीं छोड़ना उसका साथ है..
पर एक दिन आता है तुम थक जाते हो,
उसको अपने दिल की बात बताते हो..
ये सुनके उसे लग जाता है शॉक,
उसने कभी नहीं सोचा था ये थॉट..
वो तुम्हें समझाती है ये हो नहीं सकता,
क्यूंकि उसका दिल किसी और के लिए है धड़कता..
ये सुनके तुम्हें जाता है गुस्सा,
पर तुम उसे कह देते हो अब तू जा..
और फिर एक पल में सब ख़त्म हो जाता है..
पर इसमें गलती उसकी है या तुम्हारी, ये समझ नहीं आता है..

 
 

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