Yaad Tumhari Laaye by RJ Vashishth

the digital shayar
Yaad Tumhari Laaye, Yaad Tumhari Laaye..

ये खाली रातें, ये सुनसान सड़कें..
याद तुम्हारी लाये, याद तुम्हारी लाये..

 
भीड़ से भरा ये पूरा जहाँ,
चींटियारा यहाँ से वहां..
याद तुम्हारी लाये, याद तुम्हारी लाये..

 
उबासियों से आये आंखों में मेरी आंसू,
पूरी रात अकेले सोये मेरे बाजू..
वो खालीपन…..
याद तुम्हारी लाये, याद तुम्हारी लाये..

 
और बस धड़कन में कुछ अधूरापन,
नब्ज में चलता कछुआपन..
ये सब….
याद तुम्हारी लाये, याद तुम्हारी लाये..

 
ये खाली रातें, ये सुनसान सड़कें..
याद तुम्हारी लाये, याद तुम्हारी लाये..

 
 

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